Iran ने अमेरिका के सामने रखी बड़ी शर्तें, 100 अरब डॉलर की मांग और युद्ध रोकने की बात.

ईरान ने अमेरिका के सामने युद्ध खत्म करने और बातचीत शुरू करने के लिए अपनी शर्तें रख दी हैं। 21 सितंबर 2026 को कतर और पाकिस्तान के बीच बचाव के रास्ते से ईरान ने अमेरिका को यह संदेश भेजा है। अल जजीरा के रिपोर्टर तौहीद असदी के मुताबिक, तेहरान की इन मांगों में 100 अरब डॉलर की फंसी हुई ईरानी रकम को रिलीज करना शामिल है। इसके अलावा सभी मोर्चों पर युद्ध बंद करने, अमेरिका की तरफ से नौसेना की नाकाबंदी हटाने, ईरान के अंदरूनी मामलों में दखल न देने की गारंटी और ईरानी जमीन पर सभी हमलों को रोकने की मांग की गई है। ये सारी बातें दोनों देशों के बीच पहले से तय इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग में लिखी गई हैं।
मोक्षेन रजाई का बयान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इंतजार
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रजाई ने इस बात की पुष्टि की है कि वे अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। रजाई ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी ये मांगें ठुकरा दी जाती हैं, तो ईरान एक बड़े और निर्णायक सैन्य संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में ईरान ने अमेरिकी जहाज या एयरक्राफ्ट कैरियर के पास एक मल्टी-वाइरहैंड एंटी-शिप मिसाइल का टेस्ट किया है। रजाई ने साफ किया कि ईरान का न्यूक्लियर डॉक्टरिन परमाणु हथियारों के खिलाफ धार्मिक फतवे का पालन करता है, लेकिन अमेरिकी हरकतों की वजह से तेहरान को न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रिटी यानी परमाणु अप्रसार संधि से पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ सकता है। इसके अलावा ईरानी संसद के स्पीकर कालबाफ ने भी कहा है कि जब तक पुरानी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता और कूटनीतिक चर्चा
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने 21 सितंबर को बताया कि पिछले करीब दो हफ्तों से समझौते के लिए बातचीत चल रही है और अमेरिकी अधिकारी भी किसी समझौते पर पहुंचने के लिए तैयार दिख रहे हैं। इसी बीच, पाकिस्तान के गृह मंत्री सैयद मोहसेन नकवी ने भी 21 सितंबर को तेहरान का दौरा किया ताकि इन diplomatic चर्चाओं को आगे बढ़ाया जा सके। इसके जवाब में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वाल्टज ने कहा कि बातचीत के दरवाजे अभी भी खुले हैं, हालांकि उन्होंने कुल प्रतिबंधों को हटाने और मुआवजे की अतिरिक्त मांगों को काल्पनिक बताया है। ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने यह भी बताया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए कतर और दूसरे विदेशी बैंकों में रोकी गई संपत्ति को छोड़ने की इच्छा जताई है।