खाड़ी में बढ़ा तनाव, ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर दागी बैलिस्टिक मिसाइल, अमेरिका ने भी किया पलटवार.

Aanya5 September 20263 min read36 viewsWorld
खाड़ी में बढ़ा तनाव, ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर दागी बैलिस्टिक मिसाइल, अमेरिका ने भी किया पलटवार.

खाड़ी देशों के समंदर में इन दिनों हालात काफी ज्यादा तनावपूर्ण बने हुए हैं और दोनों तरफ से लगातार हमले की खबरें सामने आ रही हैं। ईरान के एक सांसद Hassan Ghashghavi ने अल जज़ीरा को यह कंफर्म किया है कि उनके देश ने अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने पहले यह दावा किया था कि ईरानी सेना के पास कोई ताकत नहीं है और वह पूरी तरह से रक्षाहीन है। इस ताजा घटनाक्रम ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा के मोर्चे पर हलचल को और ज्यादा तेज कर दिया है और आम लोगों के मन में भी डर का माहौल बन रहा है।

अमेरिकी जहाजों पर हमला और सेना का जवाब

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने अमेरिकी नौसेना के दो बड़े जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें छोड़ी थीं। इन जहाजों में एक एयरक्राफ्ट कैरियर और एक गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल था जो उस वक्त इलाके के पानी में गश्त लगा रहे थे। गनीमत यह रही कि अमेरिकी जहाजों ने समय रहते इन हमलों को नाकाम कर दिया और किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई। इसके बाद अमेरिकी सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के तेल टैंकरों को निशाना बनाया और उन्हें हमेशा के लिए बेकार कर दिया।

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ईरान के तेल टैंकरों को पहुंचाया गया भारी नुकसान

अमेरिकी सेना की जवाबी कार्रवाई में खाड़ी के समंदर में ईरान के दो कच्चे तेल के टैंकरों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इनमें से एक टैंकर M/T Downy था जो खर्ग द्वीप के पास मौजूद था और दूसरा टैंकर M/T Stark 1 था जो जास्क के पास था। इसके अलावा एक तीसरा खाली टैंकर जिसका नाम M/T Kylo या Noxen था, उसे ओमान की खाड़ी में पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई से पहले क्रू के सदस्यों को जहाज खाली करने का आदेश दिया गया था। अमेरिकी अधिकारियों का ऐसा कहना है कि ये सभी टैंकर एक बड़े शैडो नेटवर्क का हिस्सा थे जो IRGC और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को पैसे पहुंचाने का काम कर रहे थे।

दोनों तरफ से लगातार दी जा रही हैं धमकियां

अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिकी जहाजों पर दोबारा कोई भी हमला किया गया, तो ईरान के सभी तेल टैंकरों को नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। वहीं CENTCOM के कमांडर एडमिरल Brad Cooper ने भी यह साफ कर दिया है कि अगर IRGC उनके दो जहाजों को निशाना बनाएगा, तो अमेरिका बदले में उनके तीन जहाजों को तबाह करके भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाएगा। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस पूरे विवाद को ज्यादा तूल न देते हुए इसे बहुत छोटी बात बताया है, लेकिन तेहरान की तरफ से इसका कड़ा विरोध जताया जा रहा है।

तेहरान की कड़ी प्रतिक्रिया और चेतावनी

ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका की तरफ से समंदर में नाकाबंदी और ईरानी जहाजों को परेशान करने का सिलसिला जारी रहा, तो अमेरिकी सैन्य जहाजों पर और भी खतरनाक हमले किए जाएंगे। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन तेल टैंकरों को नष्ट किए जाने की घटना को पूरी तरह से अवैध और युद्ध अपराध करार दिया है और वॉशिंगटन को इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। इसके अलावा IRGC के नौसेना अधिकारी अली मोहम्मदी ने दावा किया है कि उनकी सेना ने 30 अगस्त को खत्म हुए 10 दिनों के दौरानホルमुज जलडमरूमध्य में रोज दो से पांच ऐसे जहाजों को निशाना बनाया जो नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।

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