Iran Conflict: Hengam Island पर मची तबाही, मछुआरों का जीना हुआ मुहाल और खत्म हुआ कारोबार.

Nura Basta2 September 20262 min read34 viewsWorld
Iran Conflict: Hengam Island पर मची तबाही, मछुआरों का जीना हुआ मुहाल और खत्म हुआ कारोबार.

दक्षिण ईरान के Hengam Island पर रहने वाली 28 साल की महिला मछुआरा Khadijeh Bandari ने 2 सितंबर 2026 को एक चौंकाने वाली कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि अमेरिका और इसराइल के बीच चल रहे युद्ध की वजह से आम लोगों की जिंदगी पूरी तरह तबाह हो गई है। स्थानीय लोग अपनी ही जमीन पर काम करने से पूरी तरह महरूम हो चुके हैं और हर तरफ डर का माहौल बना हुआ है। अमेरिकी हवाई हमलों के लगातार खतरे के कारण पूरा द्वीप दहशत के साये में जीने को मजबूर है और परिवार वाले हर समय अपनों की सलामती की दुआ मांगते रहते हैं।

समुद्र में खतरा और व्यापार ठप

इस क्षेत्रीय अस्थिरता की वजह से द्वीप का सारा व्यापार पूरी तरह रुक गया है। Hengam Island पर पर्यटन का कारोबार मुख्य आय का स्रोत हुआ करता था, जो अब पूरी तरह बंद हो चुका है। आसपास का समुद्र इतना खतरनाक हो गया है कि वहां मछली पकड़ना खतरे से खाली नहीं है। इसके बावजूद Bandari की मां और भाई जैसे कई लोग रोजाना समुद्र में जाते हैं क्योंकि उनके पास गुजारे के लिए मछली पकड़ने के अलावा और कोई दूसरा जरिया नहीं बचा है। लगातार मंडराते खतरे के बीच भी इन परिवारों को अपनी रोजी-रोटी के लिए रोजाना जान जोखिम में डालनी पड़ती है।

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बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान

इस चल रहे संघर्ष की वजह से इलाके की बुनियादी संरचना को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। कई मकान और नावें या तो पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं या फिर इस्तेमाल करने लायक नहीं बची हैं। Bandari ने बताया कि उन्हें अपना खुद का बिजनेस बंद करना पड़ा और मजबूर होकर अपने पति के साथ दक्षिणी तट को छोड़कर उत्तरी ईरान में बसना पड़ा। अब वह वहां हाथ से बने गहने बेचकर अपना गुजारा करती हैं। द्वीप से विस्थापित हुए बहुत से लोग आज भी इस उम्मीद में जी रहे हैं कि हालात सुधरने पर वे एक दिन वापस अपने घर लौट सकेंगे।

क्षेत्र में हमलों का बढ़ता दायरा

यह पूरा मामला उस समय सामने आया है जब क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका था। इससे पहले 20 जुलाई 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर अपने हमले काफी बढ़ा दिए थे। इन हमलों में ईरान के पावर प्लांट, पुल और सड़कें मुख्य रूप से निशाने पर थीं, जिसके जवाब में ईरान की तरफ से भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस कागजी और सैन्य टकराव का सीधा असर आम नागरिकों की जिंदगी पर पड़ रहा है जो बिना किसी गलती के इस संघर्ष की कीमत चुका रहे हैं।

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