ईरान से जंग और महंगाई की मार से अमेरिकी चुनाव में डूबी रिपब्लिकन पार्टी
ईरान के साथ तनाव और बढ़ती महंगाई ने अमेरिकी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की मुश्किलें बढ़ाईं, जिससे डेमोक्रेट्स को मिली जीत।

वॉशिंगटन: ईरान के साथ चल रहे संघर्ष और उसके चलते बढ़ी महंगाई ने अमेरिकी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की कमर तोड़ दी है। अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ बेरुत के डिस्टिंग्विश्ड पब्लिक पॉलिसी फेलो रामी जी. खुरी के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को घुटनों पर लाने की रणनीति उनके लिए ही भारी पड़ गई।
खुरी का विश्लेषण है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में तेहरान ने जो कदम उठाए, उससे युद्ध की आर्थिक मार सीधे अमेरिकी परिवारों तक पहुंच गई। इसका सीधा असर मिडटर्म चुनावों पर पड़ा, जहां रिपब्लिकन पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा और डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए होने वाले शिपिंग पर पाबंदियां लगा दी थीं। इसके कारण अमेरिका में पेट्रोल, डीजल, किराने के सामान, यात्रा और अन्य आयातित वस्तुओं की कीमतें बढ़ गईं, जिससे मतदाता नाराज हो गए।
सैन्य मोर्चे पर राष्ट्रपति ट्रंप ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थित केशम द्वीप पर 'छोटे' सैन्य हमले किए हैं। ईरानी मीडिया ने सुजा इलाके में दो विस्फोटों की खबर दी है, हालांकि किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है।
बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बात कर स्थिति को शांत करने के तरीकों पर चर्चा की। वहीं, कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमन बिन जसीम अल थानी ने अमेरिका और ईरान दोनों से तुरंत शांति समझौता करने की अपील की है।
राजनीतिक नुकसान को स्वीकार करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने माना कि इस युद्ध ने रिपब्लिकन की हार में भूमिका निभाई, हालांकि उन्होंने इस संघर्ष की जरूरत का बचाव भी किया। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया पर सीधे तौर पर कहा कि यह युद्ध ही पार्टी की हार का मुख्य कारण था।
दूसरी तरफ, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' शुरू किया है। इसके तहत कनाडा के आठ मुद्रा विनिमय व्यवसायों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिन पर ईरानी संस्थाओं को वित्तीय प्रतिबंधों से बचाने और मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है। फिलहाल अमेरिकी सरकार तेहरान के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रही है।