14 सूत्रीय समझौते पर डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी से नाराज ईरान ने अमेरिका पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
ईरान ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 14 सूत्रीय समझौते को समय की बर्बादी बताने पर नाराजगी जताई है।

तेहरान: ईरान ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर की गई अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए जवाबदेही की मांग की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए बगाए ने ट्रंप के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने कभी भी इस्लामाबाद की मध्यस्थता वाले इस समझौते का समर्थन नहीं किया। ट्रंप ने इसे समय की बर्बादी बताया था, जिस पर बगाए ने कहा कि ये टिप्पणियां वाशिंगटन के राजनयिक प्रयासों के खोखलेपन को उजागर करती हैं।
ईरानी प्रवक्ता ने ट्रंप द्वारा ईरान के पूर्ण समर्पण की बार-बार की मांगों की भी आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की बातें ईरानी लोगों के लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब फरवरी 2026 से अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष जारी है। हालांकि 27 अक्टूबर को क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के वरिष्ठ अधिकारी तेहरान में एकत्र हुए थे, लेकिन तनाव अब भी बरकरार है।
इसी दिन संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत जेनिफर लोसेटा ने दावा किया कि ईरान परमाणु अप्रसार संधि के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने से इनकार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी परमाणु सामग्री से जुड़ी जानकारी और पहुंच न देने के कारण ईरान का मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेज दिया है।
इन तमाम दबावों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा है कि उनकी सरकार क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और पुरानी शिकायतों को दूर करने वाले समझौतों के लिए तैयार है।