ईरान का बड़ा दावा, अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद जारी है कच्चे तेल का निर्यात, ओमान के पास टैंकर पर हुआ हमला.

Praggya Singh sabal27 August 20263 min read3 viewsWorld
ईरान का बड़ा दावा, अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद जारी है कच्चे तेल का निर्यात, ओमान के पास टैंकर पर हुआ हमला.

अमेरिकी नौसेना की तरफ से लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और नाकाबंदी के बीच ईरान ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि देश से कच्चे तेल का निर्यात अभी भी लगातार जारी है। इस बीच खाड़ी देशों के पास समुद्र में एक बड़ा हादसा भी सामने आया है, जहां ओमान के पास अज्ञात प्रोजेक्टाइल से एक तेल टैंकर पर हमला हुआ जिससे उसमें आग लग गई। गनीमत यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और सभी नाविक सुरक्षित बचा लिए गए। इस पूरी घटना से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बन गया है, क्योंकि इस रास्ते से भारत और अन्य देशों के बीच यात्रा और व्यापार पर सीधा असर पड़ता है।

खरग द्वीप से तेल का निर्यात जारी

27 अगस्त 2026 को नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी यानी NIOC के सीईओ Hamid Bourd ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की कि ईरान का मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल यानी Khark Island पूरी तरह से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी नाकाबंदी के बावजूद देश से क्रूड ऑयल का निर्यात रोका नहीं गया है और इस समय टर्मिनल पर तेल भंडारण टैंकों के आधुनिकीकरण और जेट्टी के पुनर्निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।

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घरेलू मोर्चे पर आ रही है भारी दिक्कत

दूसरी तरफ, ईरान के उपराष्ट्रपति Mohammad Jafar Ghaempanah ने एक दिन पहले यानी 26 अगस्त को यह स्वीकार किया था कि इस नाकाबंदी की वजह से देश के अंदर पेट्रोल की कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में ईंधन आयात करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच ईरान के विदेश मंत्री Araghchi ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और सुरक्षा परिषद को एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने अमेरिका पर आर्थिक जबरदस्ती करने का गंभीर आरोप लगाया है।

अमेरिका के कड़े कदम और प्रतिबंध

ईरान का आरोप है कि 24 अगस्त को घोषित किए गए नए और कड़े माध्यमिक प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुलेआम उल्लंघन करते हैं। इन प्रतिबंधों की वजह से ईरान की बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली तक पहुंच बंद हो गई है, जिसका सीधा असर आम जनता के लिए जरूरी खाद्य पदार्थों, दवाइयों और ऊर्जा की आपूर्ति पर पड़ रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि भविष्य में अगर कोई समझौता होता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जा सकता है और नाकाबंदी हटाई जा सकती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 25 अगस्त को उस जलडमरूमध्य से 10 मिलियन बैरल तेल बाहर निकला था।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने अरब सागर में अमेरिकी सेना की मौजूदगी का बचाव करते हुए इस नाकाबंदी को बेहद सफल बताया। इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 24 अगस्त को लगभग 60 ऐसे लोगों, कंपनियों और जहाजों के खिलाफ अभियान शुरू किया जो ईरान की अर्थव्यवस्था को अलग-थलग करने का काम कर रहे हैं।

कूटनीतिक बातचीत और समुद्री हालात

तनाव को कम करने के लिए कतर के विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने तेहरान का दौरा किया और वहां के अधिकारियों से बातचीत की। हालांकि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने पहले ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य के संयुक्त प्रबंधन का समझौता करने की घोषणा की थी, लेकिन रॉयटर्स को एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने बताया कि अभी तक वह सौदा अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है।

कमोडिटी इंटेलिजेंस फर्म Kpler के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त के महीने में ईरान का कच्चे तेल का लदान घटकर प्रतिदिन 248,000 बैरल रह गया है और युद्ध से पहले के स्तर की तुलना में इस रास्ते से होने वाला शिपिंग ट्रैफिक करीब 95 प्रतिशत तक कम हो चुका है। यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन यानी UKMTO ने ओमान के पास हुए हमले की पुष्टि की है, जिससे साफ होता है कि क्षेत्र के हालात अभी भी बहुत ज्यादा संवेदनशील बने हुए हैं।

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