अमेरिका की कड़ी पाबंदियों के बाद भी ईरान का दावा, कच्चे तेल की ब्रिकी जारी.

Sushma Kumari27 August 20263 min read27 viewsWorld
अमेरिका की कड़ी पाबंदियों के बाद भी ईरान का दावा, कच्चे तेल की ब्रिकी जारी.

अमेरिकी नौसेना की तरफ से बंदरगाहों और जहाजों पर लगातार सख्ती और नाकेबंदी के बावजूद ईरान का दावा है कि उसके कच्चे तेल की वैश्विक बिक्री अभी भी सुचारू रूप से चल रही है। 27 अगस्त 2026 को ईरान के पेट्रोलियम मंत्री मोहसिन पाकनेजाद ने यह जानकारी दी है। उन्होंने यह भी माना कि कुल बिक्री में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन उन्होंने दुश्मनों से बचाव के लिए इसके सटीक आंकड़े साझा करने से साफ इनकार कर दिया है।

अमेरिका का आर्थिक दबाव और नई पाबंदियां

यह पूरा मामला वाशिंगटन के आर्थिक दबाव अभियान से जुड़ा हुआ है। 24 अगस्त 2026 को अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने एक नए अभियान की घोषणा की थी, जिसे 'इकोनॉमिक डी-डे' नाम दिया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य डिजिटल मुद्राओं, तकनीक, बुलियन, विमानन और समुद्री परिवहन जैसे पांच मुख्य क्षेत्रों को निशाना बनाना है। इस सख्ती के तहत अमेरिकी वित्त विभाग के OFAC ने दुनिया भर के दलालों, कंपनियों और घोस्ट फ्लीट टैंकरों के खिलाफ नए प्रतिबंध जारी किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस नाकेबंदी के तहत अब तक 71 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया है, 2 जहाजों पर कब्जा किया गया और 3 को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है।

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स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में तनाव और ईरान की प्रतिक्रिया

फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज के पास हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करोलिन लेविट ने 27 अगस्त को दावा किया कि अमेरिकी नौसेना की यह नाकेबंदी बेहद सफल रही है और अमेरिका इस जलडमरूमध्य को पूरी तरह नियंत्रित कर रहा है। यह बयान तब आया जब 26 अगस्त को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में दूसरे कमर्शियल तेल टैंकर पर हमला हुआ था। इस पूरी स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के उप विदेश मंत्री काज़म गरीबबादी ने 26 अगस्त को कहा था कि जब तक अमेरिका अपनी नाकेबंदी को खत्म नहीं करता और मौजूदा शत्रुता को पूरी तरह समाप्त करने की गारंटी नहीं देता, तब तक इस जलमार्ग को नहीं खोला जाएगा। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वह इस अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को संप्रभुता और नेविगेशन की स्वतंत्रता का उल्लंघन घोषित करे।

ईरानी शिपिंग और चीन को होने वाले निर्यात पर असर

इन तमाम पाबंदियों के बाद भी ईरानी जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं हुई है। समुद्र में लगभग 50 ईरानी झंडे वाले मालवाहक जहाज काम कर रहे हैं और कम से कम 51 टैंकर 'घोस्ट आर्मडा' के रूप में सक्रिय एआईएस सिग्नल के साथ मंडरा रहे हैं। हालांकि, इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। ईरान से कच्चा तेल खरीदने वाले सबसे बड़े देश चीन को होने वाला निर्यात घटकर अगस्त महीने में लगभग 534,000 बैरल प्रति दिन रह गया है। यह आंकड़ा जुलाई में 823,000 बैरल प्रति दिन था, जबकि इस साल की शुरुआत में यह 15.8 लाख बैरल प्रति दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। इसके अलावा, पेट्रोलियम मंत्री मोहसिन पाकनेजाद ने 24 अगस्त को दक्षिणी फारस प्रांत में 212 अरब क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस के नए भंडार की खोज की भी घोषणा की है, जिसमें से करीब 160 अरब क्यूबिक मीटर गैस निकालने योग्य है।

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