Iran Military Doctrine: ईरान ने बदली अपनी सैन्य रणनीति, हमलों के बाद किया नए डिफेंस सिस्टम का ऐलान

ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए एक नई सुरक्षा नीति का ऐलान किया है। 2 सितंबर 2026 को ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति委员会 के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश की सेना अपने 'ट्रू प्रॉमिस' अभियानों पर पूरी तरह कायम है और दुश्मनों को उनकी हर हरकत का कड़ा जवाब मिलेगा। इस घोषणा के बाद से पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सैनिक नीति में बदलाव और चेतावनी
4 सितंबर 2026 को ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने एक बयान में कहा कि जून 2025 में युद्ध शुरू होने के बाद से ही देश ने अपनी रणनीति को प्री-एम्प्टिव यानी पहले हमला करने की नीति पर शिफ्ट कर दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरानी बलों ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों की एयर डिफेंस प्रणालियों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। इसके अलावा, ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रेजा अरेफ ने जानकारी दी कि सरकार दुश्मनों की सुरक्षा को कमजोर करने के लिए एक बहुस्तरीय और असममित रक्षा रणनीति अपना रही है।
वित्तीय प्रतिबंध और क्षेत्रीय असर
इन सैन्य गतिविधियों के बीच अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ आर्थिक शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने तुर्किए में सक्रिय ईरानी वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' शुरू करने की घोषणा की है, जिसकी विस्तृत जानकारी अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है। दूसरी, तरफ इस ताजा सैन्य तनाव का असर आम जनजीवन और यातायात पर भी पड़ रहा है। दक्षिणी ईरान में 2 सितंबर को हुए एक हमले में नागरिकों के हताहत होने की खबरों की जांच अमेरिकी अधिकारी कर रहे हैं, जबकि लगातार जारी संघर्ष की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला आवागमन भी काफी प्रभावित हुआ है।