ईरान में सरकारी स्कूलों में विदेशी छात्रों से फीस वसूलना गैरकानूनी

विदेशी छात्रों की शिक्षा को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ईरान ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। ईरान के शिक्षा मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों और विदेशी स्कूल केंद्र के प्रमुख मोहम्मद सालिमी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी स्कूलों में विदेशी छात्रों से रजिस्ट्रेशन या प्रवेश के नाम पर फीस मांगना पूरी तरह से गैरकानूनी है। इस ताजा निर्देश के बाद उन हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है जो अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर आर्थिक चिंताओं से घिरे हुए थे।
मुफ्त शिक्षा का अधिकार और स्वैच्छिक योगदान
नए नियमों के तहत ईरान के सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षा पूरी तरह से मुफ्त है। हालांकि, यदि स्कूल को किसी प्रकार की वित्तीय सहायता या जनसहयोग की आवश्यकता होती है, तो जनता से मिलने वाला योगदान पूरी तरह से स्वैच्छिक होना चाहिए। इसे किसी भी स्थिति में छात्र के दाखिले या उसकी निरंतर पढ़ाई के लिए अनिवार्य शर्त नहीं बनाया जा सकता है। यह नीति राष्ट्रीयता के भेद के बिना सभी पर समान रूप से लागू होती है और इसे आंतरिक मंत्रालय के समन्वय से जारी किया गया है।
लाखों छात्रों को मिल रहा है शिक्षा का लाभ
वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के दौरान अब तक 3,62,000 से अधिक विदेशी छात्र, जिनमें मुख्य रूप से अफगानिस्तान और इराक के बच्चे शामिल हैं, अपना पंजीकरण करा चुके हैं। पिछले साल यह आंकड़ा 387,000 तक पहुंच गया था, और इस बार अधिकारियों को उम्मीद है कि यह संख्या इस आंकड़े को भी पार कर जाएगी। बच्चों की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नियमों में कुछ ढील भी दी गई है। उदाहरण के लिए, ऑनलाइन प्री-रजिस्ट्रेशन के लिए माता-पिता के नाम पर ही सिम कार्ड होने की अनिवार्य शर्त को हटा लिया गया है, जिससे हजारों नए छात्रों का पंजीकरण संभव हो सका है।
अभिभावकों के लिए अहम सलाह
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सरकारी स्कूल स्वास्थ्य जांच या दाखिले के नाम पर किसी भी तरह का अवैध शुल्क मांगता है, तो अभिभावक इसके खिलाफ कड़ा कदम उठा सकते हैं। ऐसी स्थिति में अभिभावकों को लिखित रसीद की मांग करनी चाहिए और क्षेत्रीय शिक्षा कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज करानी चाहिए, क्योंकि स्कूलों को इस तरह की फीस वसूलने का कोई अधिकार नहीं है। यह नियम केवल सरकारी शिक्षण संस्थानों पर ही लागू होता है, निजी संस्थानों पर नहीं।