ईरान की नई सैन्य रणनीति: अब भौगोलिक सीमाओं के बाहर भी होगी जवाबी कार्रवाई
ईरान ने अपने रक्षा सिद्धांत में बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी हमले का जवाब भौगोलिक सीमाओं से बंधकर नहीं दिया जाएगा।

तेहरान: ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति में एक बड़ा और तेज़ बदलाव किया है। सुप्रीम लीडर के वरिष्ठ सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने 1 नवंबर, 2026 को घोषणा की कि देश का रक्षा सिद्धांत अब भौगोलिक सीमाओं के दायरे में नहीं रहेगा।
मोखबर ने साफ किया कि अब किसी भी दुश्मन हमले की जगह या उसके स्रोत से यह तय नहीं होगा कि ईरान अपनी प्रतिक्रिया कहाँ और किस सीमा तक देगा। अब सैन्य कार्रवाई के लिए खतरे की भौगोलिक स्थिति कोई बाधा नहीं बनेगी।
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (IRNA) की रिपोर्ट के मुताबिक, यह रणनीतिक बदलाव व्यापक निवारण (expanded deterrence) की दिशा में एक कदम है। नए सिद्धांत के तहत किसी भी खतरे का स्रोत, पैमाना और स्थान अब ईरान की जवाबी कार्रवाई की गणनाओं को सीमित नहीं करेंगे।
ईरान का इरादा अपनी प्रतिक्रिया क्षमताओं को हमले के तत्काल vicinity (आसपास के क्षेत्र) से अलग करना है, ताकि सैन्य पहुंच को क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर तक बढ़ाया जा सके। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और सैन्य गतिविधियां जारी हैं।
ईरानी अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि सशस्त्र बलों की युद्ध तैयारी को अपग्रेड किया जा रहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भौगोलिक प्रतिबंधों के बिना तुरंत जवाबी कार्रवाई की जा सके।
सैन्य रणनीति में यह बदलाव क्षेत्र में बढ़ती सैन्य हलचल के बीच आया है। इसी दौरान ईरानी संसदीय अधिकारियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा को लेकर भी चेतावनी दी है।