खामेनेई की अमेरिका को चेतावनी: दोबारा हमला हुआ तो जवाब पहले से कहीं बड़ा होगा
सुप्रीम लीडर खामेनेई ने कहा कि प्रगति और मजबूती ही ईरान की सुरक्षा की कुंजी है। अमेरिका को दी बड़ी कार्रवाई की चेतावनी।

तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने देश की एक नई रक्षा रणनीति का ऐलान किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि लगातार मजबूत होता और विकास करता ईरान ही पूर्ण प्रतिरोध (absolute deterrence) हासिल करने का एकमात्र रास्ता है।
4 नवंबर 2026 को 'नेशनल डे ऑफ फाइटिंग ग्लोबल एरोगेंस' के मौके पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए खामेनेई ने अपनी बात रखी। यह दिन 1979 में तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास पर कब्जे की बरसी के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने जोर दिया कि सफलता के लिए अधिकारियों और नागरिकों के बीच सामाजिक अखंडता, एकता और एकजुटता बेहद जरूरी है।
अमेरिका को चेतावनी देते हुए सुप्रीम लीडर ने कहा कि अगर अमेरिका ने दोबारा कोई हमला किया, तो उसका जवाब पिछली सैन्य कार्रवाइयों की तुलना में बहुत बड़े पैमाने पर दिया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को नष्ट करने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रबंधन जैसे पिछले ऑपरेशनों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ये केवल प्रतिक्रियात्मक कदम थे, जिन्हें उकसावे की स्थिति में काफी बढ़ाया जा सकता है।
खामेनेई ने इस विचार को खारिज कर दिया कि रियायतें देने से अमेरिका की दुश्मनी कम होगी। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन में राजनीतिक गुटों या पार्टी बदलने से ईरान के प्रति अमेरिकी नीति बदल जाएगी, यह मानना एक गंभीर गलती है। उन्होंने आगाह किया कि आत्मसमर्पण का कोई भी संकेत 'अहंकारी दुश्मन' के हौसले को और बढ़ाएगा।
इस रणनीतिक निर्देश के बाद सुप्रीम लीडर ने ईरानी सशस्त्र बलों को 'भौगोलिक रूप से अप्रतिबंधित' (geographically unrestricted) प्रतिक्रिया रणनीति लागू करने का आदेश दिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) को इस सिद्धांत को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत अब नए लक्ष्यों की पहचान की जाएगी और विस्तारित भौगोलिक क्षेत्रों में रक्षा अभियानों की योजना बनाई जाएगी।