UK Airbase Plot: ब्रिटेन के एयरबेस पर हमले की साजिश से ईरान का इंकार, पांच ब्रिटिश नागरिक गिरफ्तार.

Sushma Kumari28 September 20262 min read1 viewWorld
UK Airbase Plot: ब्रिटेन के एयरबेस पर हमले की साजिश से ईरान का इंकार, पांच ब्रिटिश नागरिक गिरफ्तार.

ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस को निशाना बनाने की कथित साजिश को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति गर्मा गई है। लंदन स्थित ईरानी दूतावास ने इस मामले में किसी भी तरह के संलिप्त होने से साफ इनकार किया है और इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। दूतावास ने इसे केवल शरारती सोच और ईरानोफोबिया को बढ़ावा देने वाला कदम करार दिया है। इस पूरी घटना के बाद से ब्रिटेन और अमेरिका के सुरक्षा अधिकारियों ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

पांच ब्रिटिश नागरिकों की गिरफ्तारी

यह पूरा मामला तब सामने आया जब रविवार, 27 सितंबर 2026 को सुबह-सुबह एक स्थानीय किसान ने कुछ संदिग्ध गाड़ियों को अमेरिकी संचालित इस बेस की तरफ जाते देखा। इसके तुरंत बाद अधिकारियों को सूचना दी गई और इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लंदन के रहने والے 23 से 25 साल की उम्र के पांच ब्रिटिश नागरिकों को हिरासत में लिया। इन सभी पर विस्फोटक सामग्री रखने और आतंकवादी कृत्य की तैयारी करने का संदेह जताया गया। हालांकि, बाद में पुलिस ने कड़ी शर्तों के साथ इन सभी संदिग्धों को जमानत पर रिहा कर दिया और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रखी।

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सुरक्षा व्यवस्था और एहतियाती कदम

संदेह बढ़ने के बाद प्रशासन ने तुरंत एक बड़े खतरे की घोषणा की। बेस के आसपास 400 मीटर का सुरक्षा घेरा बनाया गया और सुरक्षा के मद्देनजर 85 घरों को तुरंत खाली करवा लिया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर बम निरोधक रोबोट भी तैनात किए गए। ब्रिटेन की आतंकवाद निरोधक पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या ये लोग किसी विदेशी ताकत के इशारे पर प्रॉक्सी के रूप में काम कर रहे थे या नहीं। अमेरिकी दूतावास ने भी लंदन में एक सुरक्षा चेतावनी जारी कर नागरिकों को पूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

दिग्गज नेताओं के बयान और पुरानी धमकियां

ब्रिटेन के विदेश सचिव एड मिलिबैंड ने ईरान समर्थित प्रॉक्सी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री एंड्रयू बर्नेम ने इस स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया, जबकि रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने कहा कि यह बात जगजाहिर है कि ईरान और उसके सहयोगी ब्रिटेन को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड टॉमस ने दावा किया कि ये संदिग्ध बहुत बड़े नुकसान को अंजाम देने की फिराक में थे और दोनों देशों की एजेंसियां लंबे समय से इन पर नजर रख रही थीं। इस घटना ने उस पुरानी चेतावनी को भी ताजा कर दिया है, जिसमें मार्च महीने में अमेरिकी रक्षा हमलों की अनुमति मिलने के बाद जुलाई में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा था कि अगर आरएएफ फेयरफोर्ड का इस्तेमाल ईरानी धरती के खिलाफ हुआ, तो उसे वैध निशाना माना जाएगा।

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