Iran Flight Ban: क्षेत्रीय हवाई अड्डों पर हमले की बात से ईरान का इनकार, अमेरिका के प्रतिबंधों से खाड़ी देशों में बढ़ी टेंशन.

ईरान ने हाल ही में उन सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि वह क्षेत्रीय हवाई अड्डों पर किसी तरह के सैन्य हमले की योजना बना रहा है। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी यानी IRNA की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने साफ किया है कि अमेरिका के हालिया फ्लाइट बैन के जवाब में किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई का उनका कोई इरादा नहीं है। हालांकि, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने यह जरूर कहा है कि अगर हालात ऐसे बनते हैं तो कुछ चुनिंदा हवाई अड्डों पर गैर-सैन्य और आपसी तालमेल वाले कदम उठाए जा सकते हैं। इस पूरी स्थिति से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले यात्रियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि इसका सीधा असर उड़ानों पर पड़ रहा है।
अमेरिका के कड़े प्रतिबंध और तारीखें
यह पूरा विवाद 21 सितंबर को अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent की एक घोषणा के बाद शुरू हुआ, जिसमें ईरान के अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र पर कड़े प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी। ये नए नियम 23 सितंबर से लागू हो गए हैं। इन पाबंदियों के तहत ईरानी एयरलाइंस को ईंधन लेने, लैंडिंग की सुविधाएं हासिल करने या फिर अंतरराष्ट्रीय टिकट बेचने से रोक दिया गया है। अमेरिकी अधिकारियों का ऐसा अनुमान है कि इन सख्त कदमों की वजह से ईरान की 80% से 90% बाहरी उड़ानें पहले ही बंद हो चुकी हैं। इससे पहले 8 सितंबर को अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरान के एविएशन सेक्टर को समर्थन देने वाले 36 संगठनों और 27 ईरानी एयरलाइंस पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे।
ईरान की चेतावनी और खाड़ी देशों के कदम
मामला तब और गरमा गया जब 23 सितंबर को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने चेतावनी दी कि जो पड़ोसी देश अमेरिकी विमानन प्रतिबंधों का साथ देंगे, उनके हवाई अड्डे भी काम नहीं कर पाएंगे। इसके बाद 25 सितंबर को ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार Mohammad Mokhber ने भी बयान दिया कि अगर ईरान को अंतरराष्ट्रीय विमानन सेवाएं नहीं मिलती हैं, तो क्षेत्र के दूसरे देशों को भी वैसी ही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इन धमकियों और अमेरिकी दबाव के बाद कई देशों ने इन प्रतिबंधों का पालन करना शुरू कर दिया है। UAE ने 24 सितंबर से सभी ईरानी एयरलाइंस की उड़ानों पर रोक लगा दी है। वहीं इराक ने भी बगदाद समेत चार हवाई अड्डों पर ईरानी उड़ानों को बंद कर दिया है, जबकि नजाफ ने 25 सितंबर से अपनी सेवाएं स्थगित कर दी हैं। ओमान ने भी महान एयर (Mahan Air) के कामकाज को रोक दिया है और जॉर्जिया, अजरबैजान के साथ-साथ तुर्की ने भी अपनी उड़ानें सीमित कर दी हैं। ईरान एयर ने यूरोप जाने वाली अपनी सभी उड़ानें बंद कर दी हैं क्योंकि उन्हें ग्राउंड सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। तेहरान के इमाम खुर्मी एयरपोर्ट ने 24 सितंबर को जानकारी दी थी कि खाड़ी देशों के लिए उड़ानें रोक दी गई हैं, हालांकि चीन, रूस, अफगानिस्तान, ताजिकिस्तान और पाकिस्तान के लिए रास्ते अभी भी खुले हुए हैं।