ईरान: विदेशी नागरिकों को नहीं मिलेंगे आधिकारिक स्किल सर्टिफिकेट, TVTO ने जताया इनकार

ईरान के रजावी खोरासान प्रांत में रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए एक बड़ी खबर है। टेक्निकल एंड वोकेशनल ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (TVTO) ने साफ कर दिया है कि वह विदेशी नागरिकों को आधिकारिक कौशल प्रमाण पत्र (Skill Certificates) जारी नहीं करेगा। यह फैसला उन विदेशी निवासियों के लिए एक झटका है जो शॉर्ट-टर्म कोर्स करने के बाद सरकारी मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट की उम्मीद कर रहे थे।
रजावी खोरासान प्रांत के TVTO महानिदेशक हामिदरेजा मुसावी ने कशमार में एक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि TVTO के सर्टिफिकेट इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) के मानकों और ISCO कोड के तहत आते हैं। नियमों के मुताबिक, यदि सरकार किसी व्यक्ति को यह सर्टिफिकेट देती है, तो इसका मतलब है कि वह व्यक्ति रोजगार के लिए सरकारी गारंटी का हकदार हो जाता है।
रोजगार की गारंटी और कानूनी पेच
मुसावी ने विस्तार से समझाया कि सरकार विदेशी नागरिकों के लिए रोजगार की गारंटी नहीं दे सकती। यदि किसी विदेशी नागरिक को सर्टिफिकेट दिया जाता है और वह भविष्य में ILO में शिकायत करता है, तो सरकार कानूनी रूप से उसे नौकरी देने के लिए बाध्य हो जाएगी। यह स्थिति ईरान की वर्तमान राष्ट्रीय श्रम नीतियों के खिलाफ है, इसलिए ऐसे दस्तावेज़ जारी करना संभव नहीं है।
यह प्रतिबंध विशेष रूप से मशहद और आसपास के इलाकों में रहने वाले अफगानिस्तान और पाकिस्तान के नागरिकों को प्रभावित करेगा। हालांकि, विदेशी नागरिक ट्रेनिंग ले सकते हैं और नए हुनर सीख सकते हैं, लेकिन उन्हें वह आधिकारिक सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा जो नौकरी पाने में मदद करता है। बिना इस प्रमाण पत्र के, विदेशी मजदूरों को वर्कशॉप और छोटे ठेकों में अपने कौशल की आधिकारिक मान्यता दिलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
अधिकारियों ने ईरान के श्रम कानून की धारा 120 का हवाला देते हुए कहा कि विदेशियों का रोजगार केवल विशिष्ट वर्क परमिट (parvaneh-e kar) और वैध वीजा पर निर्भर करता है। बिना उचित दस्तावेजों के किसी को काम पर रखना प्रतिबंधित है। गौरतलब है कि रजावी खोरासान में सरकारी और निजी केंद्रों का एक बड़ा जाल है, जहाँ पिछले साल करीब 3 करोड़ घंटे की ट्रेनिंग दी गई, लेकिन इसका लाभ मुख्य रूप से ईरानी नागरिकों को ही मिला है।