अमेरिका के किसी भी प्रस्ताव से ईरान का इनकार, पाकिस्तान के मंत्री के दौरे पर साफ की स्थिति.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने साफ कर दिया है कि अमेरिका की तरफ से किसी भी तरह का कोई संदेश या प्रस्ताव नहीं आया है। यह बात उन्होंने पाकिस्तानी आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi के तेहरान दौरे से ठीक पहले कही है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि पाकिस्तान इस क्षेत्र में एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत करना उनका काम है, लेकिन अभी अमेरिकी प्रस्ताव मिलने के कोई संकेत नहीं हैं।
पाकिस्तान के मंत्री का तेहरान दौरा
पाकिस्तानी मंत्री Mohsin Naqvi तेहरान के दौरे पर हैं और वे वहां के बड़े अधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं। इस दौरे का मुख्य मकसद दोनों पड़ोसी देशों के बीच पहले हुए समझौतों को आगे बढ़ाना है, खासकर वे समझौते जो नेतृत्व के स्तर पर तय किए गए थे। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया के हालात काफी नाजुक बने हुए हैं और पूरी दुनिया की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं।
ईरान की शर्तें और अमरीका का रुख
युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान ने वाशिंगटन के सामने सात शर्तें रखी हैं और साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे एक निर्णायक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ईरान के सुरक्षा प्रमुख Mohsen Rezaei ने जानकारी दी कि वे कतर के जरिए अमेरिका के संपर्क में हैं और अपनी शर्तें आगे बढ़ा चुके हैं। उनकी मुख्य शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना, उनके जमे हुए फंड को जारी करना और नौकायन नाकाबंदी को खत्म करना शामिल है।
पश्चिम एशिया में सुरक्षा अलर्ट
इस तनाव के बाद अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने सभी राजनायिक मिशनों हाई-सिक्योरिटी अलर्ट पर रख दिया है। अमेरिका ने अपने नागरिकों को Iraq, Bahrain, Oman, Saudi Arabia, Iran, Qatar, Lebanon, Kuwait और Jordan में पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के एक एयरबेस से अमेरिकी बॉम्बर विमान पश्चिम एशिया की तरफ रवाना हुआ है और सीरिया के पास भी एयर डिफेंस की गतिविधियां देखी गई हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से पहले इन तनावपूर्ण हालातों ने पूरी दुनिया की चिंता को बढ़ा दिया है।