हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान का बड़ा कदम, टोगो के झंडे वाले टैंकर को किया कब्ज़े में

Nura Basta19 September 20263 min read21 viewsWorld
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान का बड़ा कदम, टोगो के झंडे वाले टैंकर को किया कब्ज़े में

फारस की खाड़ी और मध्य पूर्व के समुद्री इलाकों में सुरक्षा का तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे वहां रहने वाले आम लोगों और कामगारों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने टोगो के झंडे वाले एक उत्पाद टैंकर Trend को जब्त कर लिया है और उसे अपने कब्जे में ले लिया है। ईरान का दावा था कि यह जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य से अवैध रूप से गुजर रहा था, और इस कार्रवाई के दौरान जहाज में आग भी लगा दी गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और समुद्री सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं।

ओमान के पास एक और हमला और समुद्री सुरक्षा की स्थिति

इस घटना से अलग, यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के मॉनिटर ने ओमान के खासब से उत्तर पूर्व में लगभग 16 नॉटिकल मील की दूरी पर एक और सुरक्षा घटना की सूचना दी है। वहां एक अन्य टैंकर पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल यानी गोले से हमला किया गया था। राहत की बात यह रही कि दोनों ही घटनाओं में जहाज पर मौजूद सभी क्रू मेंबर सुरक्षित बच गए और किसी की जान नहीं गई। पिछले कुछ महीनों से यूएई, बहरीन, कतर, सऊदी अरब, ओमान और कुवैत पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण क्षेत्र की स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

तेल की कीमतें और खाड़ी देशों की मुश्किलें

इन सुरक्षा तनावों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर लगभग 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी हैं, जो इससे पहले करीब 110 डॉलर को छू चुकी थीं। इस स्थिति से निपटने के लिए सऊदी अरब ओमान के तट के पास शिप-टू-शिप ट्रांसफर के जरिए अपने कच्चे तेल के निर्यात को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर यूएई ने ईरान के साथ अपने व्यापार को काफी हद तक सीमित कर दिया है। पिछले हफ्ते मस्कट में हुई कूटनीतिक बातचीत भी विफल हो गई थी, क्योंकि रिया और तेहरान के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में मान्यता देने को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी।

यमन के लाल सागर तट पर हूती विद्रोहियों की गतिविधियां

लाल सागर के पास के इलाकों में भी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। यमन के रेड सी कोस्ट पर हूती बलों ने अपनी गतिविधियों को काफी तेज कर दिया है। उन्होंने मोखा और पेरिम द्वीप पर कब्जा कर लिया है और باب المندب यानी बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को भी धमकी दी है। सऊदी अधिकारियों ने मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को हवा में मार गिराने की पुष्टि की है, जिसे सऊदी अरब ने अपनी रेड लाइन का उल्लंघन माना है, हालांकि हूती गुट ने पवित्र शहर को निशाना बनाने से इनकार किया है। इन झड़पों और संघर्षों की वजह से पिछले कुछ दिनों में 100,000 से अधिक यमनी नागरिक अपना घरबार छोड़ने को मजबूर हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इटली ने अपने युद्धपोत तैनात कर दिए हैं और दक्षिण कोरिया भी अदन की खाड़ी में अपनी नौसेना की मौजूदगी बढ़ाने पर विचार कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएं

स्थिति से निपटने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में खाड़ी देशों के नेताओं को एक बैठक के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि वे इस संघर्ष के अंत के करीब हैं और ईरान को लेकर किसी बड़े फैसले का संकेत भी दिया है। हालांकि, खाड़ी देशों का रुख इस मामले में बंटा हुआ है। ओमान लगातार बातचीत का रास्ता अपना रहा है, बहरीन ने तेहरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत से साफ मना कर दिया है, और यूएई के वलीअहद ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात की है। खाड़ी देशों के सामने अब एक बड़ी रणनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है, क्योंकि उन्हें एक तरफ हॉर्मुज और लाल सागर के रास्ते अपने तेल निर्यात को सुरक्षित रखना है, तो दूसरी तरफ अमेरिकी सुरक्षा गारंटियों पर भरोसा और क्षेत्रीय व्यापार मार्गों पर ईरान के बढ़ते प्रभाव के बीच संतुलन बिठाना पड़ रहा है।

Share:

Comments

Leave a comment