IRGC का दावा: होर्मुज के पूर्व में अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराया, यह 55वां
ईरान के IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराने और दो अन्य ड्रोन पकड़ने का दावा किया है।

तेहरान: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एयरोस्पेस फोर्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को नष्ट करने का दावा किया है। आईआरएनए न्यूज एजेंसी द्वारा 3 नवंबर 2026 को जारी फुटेज में देखा जा सकता है कि एक ईरानी एयर डिफेंस मिसाइल ने इस ड्रोन को निशाना बनाया।
IRGC के मुताबिक, यह उनके द्वारा मार गिराया गया 55वां उन्नत MQ-9 ड्रोन है। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में देश के एकीकृत नेटवर्क से जुड़े एक नए विकसित एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया गया था।
ड्रोन गिराने के साथ ही IRGC ने दावा किया कि उन्होंने क़ेशम द्वीप के दक्षिण में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम के जरिए दो अमेरिकी MQM-170 टोही ड्रोन को निष्क्रिय कर उन्हें कब्जे में ले लिया है। इस दावे के बाद अब तक पकड़े गए MQM-170 ड्रोन की कुल संख्या चार हो गई है।
इन सैन्य गतिविधियों के बाद बंदर लेंगे शहर और क़ेशम द्वीप पर पांच विस्फोटों की खबर सामने आई है। एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि अमेरिका ने क़ेशम द्वीप पर सीमित रक्षात्मक हमले किए हैं, जिनमें उन सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल बैटरियों को निशाना बनाया गया जिन्होंने अमेरिकी संपत्तियों पर हमला किया था।
हालांकि, अमेरिकी सेना ने अभी तक MQ-9 ड्रोन के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। तनाव के बीच राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने बताया कि कतरी और पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए संचार बना हुआ है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर बातचीत में अभी भी बड़े मतभेद हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संकेत दिया है कि राजनयिक प्रयास जारी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि यदि परिस्थितियों की आवश्यकता हुई, तो अमेरिका के पास आगे सैन्य कार्रवाई करने का विकल्प खुला है।