Bahrain के Sheikh Isa Air Base पर ईरान का बड़ा ड्रोन हमला, अमेरिका को दी खुली चेतावनी.

फारस की खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और हाल ही में एक बड़ी घटना सामने आई है। 1 सितंबर 2026 को ईरानी सेना ने बहरीन में स्थित अमेरिकी बलों के ठिकानों पर जोरदार हमला किया। तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में कामिकेड ड्रोन का इस्तेमाल किया गया जो सीधे रडार और अमेरिकी सैनिकों के जमावड़े वाले इलाकों पर गिरे। इस सैन्य कार्रवाई को ईरान की ओर से 'ऑपरेशन थंडरबोल्ट' का 29वां चरण बताया गया है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव
ईरानी अधिकारियों ने साफ कहा कि दक्षिणी ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के ठिकानों पर हाल ही में अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई है। ईरानी सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फघारी ने चेतावनी दी कि अब ईरान बहरीन और कुवैत के प्रति नरमी नहीं बरतेगा और अमेरिकी हितों को तहस-नहस करने के लिए और भी बड़े हमले किए जाएंगे। इसके अलावा, ईरान ने दावा किया कि उसने खोमेन के ऊपर एक अमेरिकी MQ9 ड्रोन को भी सफलतापूर्वक मार गिराया है।
अमेरिकी सेना और नेताओं की प्रतिक्रिया
दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने पुष्टि की कि अमेरिकी बलों ने लगातार जारी हमलों के जवाब में IRGC के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। एक अमेरिकी सूत्र ने जानकारी दी कि बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर इस ड्रोन हमले के बाद किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान या बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस पूरी स्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और चेतावनी दी कि अगर ईरान ने आगे भी ऐसी हरकतें जारी रखीं, तो अमेरिका हालिया हमलों से कहीं ज्यादा कड़े स्तर पर जवाब देगा।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर चिंता और बहरीन का रुख
इस बड़ी घटना से पहले, बहरीन के विदेश मंत्रालय ने 31 अगस्त 2026 को यूएई पर हुए ईरानी ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की थी। बहरीन ने इसे राष्ट्रीय संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया था और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तुरंत दखل देने की अपील की थी। इस बारे में अधिक जानकारी आप WAM News की आधिकारिक रिपोर्ट में देख सकते हैं। खाड़ी देशों में रह रहे आम नागरिकों और प्रवासियों के बीच इन लगातार बढ़ते हमलों और धमकियों के कारण डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।