Iran War Task Force: ईरान ने अमरीका और इसराइल के खिलाफ बनाया नया टास्क फोर्स, रियाल की कीमत में भारी गिरावट

Aanya6 September 20262 min read40 viewsWorld
Iran War Task Force: ईरान ने अमरीका और इसराइल के खिलाफ बनाया नया टास्क फोर्स, रियाल की कीमत में भारी गिरावट

ईरान के वित्त मंत्रालय ने 6 सितंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर एक आर्थिक युद्ध टास्क फोर्स का गठन किया है। इस नए निकाय को बनाने का मुख्य उद्देश्य अमरीका और इसराइल के साथ चल रहे तनाव के कारण देश में पैदा हुई आर्थिक और मौद्रिक समस्याओं से निपटना है। मंत्रालय के प्रवक्ता Morteza Zamanian ने जानकारी दी कि यह टास्क फोर्स व्यापार, वित्तीय लेन-देन और कंपनियों की स्थिति को सुधारने के लिए काम करेगी। देश के स्तर पर बड़े फैसले सरकार के उच्च अधिकारियों द्वारा लिए जा रहे हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरान की मुद्रा रियाल गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है और एक अमरीकी डॉलर के मुकाबले 22.5 लाख रियाल से ज्यादा पर ट्रेड कर रही है।

अमरीका का आर्थिक दबाव और नए प्रतिबंध

यह टास्क फोर्स अमरीकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट के Operation Economic Outcast अभियान के जवाब में बनाई गई है। इस अभियान की शुरुआत ट्रेजरी सचिव Scott Bessent के 24 अगस्त 2026 के बयान के बाद हुई थी। इसी दबाव की रणनीति के तहत अमरीका ने 6 सितंबर 2026 को एक बार फिर नए प्रतिबंधों का ऐलान किया। इन प्रतिबंधों में तुर्की की एक वित्तीय संस्था Golden Global Yatirim Bankasi Anonim Sirketi को निशाना बनाया गया है। अमरीका का आरोप है कि यह संस्थान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC को वित्तीय मदद पहुंचा रहा था। इस संबंध में अधिक जानकारी US Treasury Department की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है।

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राष्ट्रपति की अपील और सैन्य तनाव

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने देश के नागरिकों से एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि विरोधी देश ईरान को कमजोर करने के लिए आर्थिक प्रतिबंधों और नाकाबंदी का सहारा ले रहे हैं। दूसरी ओर, दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है। अमरीकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख Admiral Brad Cooper ने चेतावनी दी कि अगर IRGC की नौसेना ने अमरीकी जहाजों पर हमला किया, तो अमरीका उनके हर दो जहाजों के जवाब में ईरान के तीन जहाजों को निशाना बनाएगा।

IRGC और विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल Hossein Mohebbi ने अमरीका के इन आर्थिक प्रतिबंधों को उनकी सैन्य हार स्वीकार करने जैसा बताया। उन्होंने कहा कि इन तमाम मुश्किलों के बावजूद ईरान अंतरराष्ट्रीय संबंधों को बनाए रखने की पूरी क्षमता रखता है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमरीकी कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करते हुए इसे सरकारी आतंकवाद करार दिया है। देश में बढ़ती महंगाई और प्रतिबंधों के बीच सरकार लगातार अपनी रणनीतियों को बदलने में लगी हुई है ताकि आम जनता पर इसका असर कम से कम पड़े।

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