Iran News: ईरान ने इसराइल के लिए जासूसी करने पर हुसैन पेदारन को दी फांसी, मचा हड़कंप.

Praggya Singh sabal19 September 20262 min read19 viewsWorld
Iran News: ईरान ने इसराइल के लिए जासूसी करने पर हुसैन पेदारन को दी फांसी, मचा हड़कंप.

तेहरान की अदालत ने एक बड़े मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए इसराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने वाले Hossein Pedaran को मौत की सजा दे दी है। यह सजा 19 September 2026 को दी गई, जिसे ईरान के सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंजूरी मिलने के बाद लागू किया गया। इस पूरी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि न्यायपालिका से जुड़ी Mizan news agency द्वारा की गई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है और सरकार ऐसे मामलों में बहुत सख्त रुख अपना रही है।

मिसाइल साइट्स की जानकारी लीक करने का आरोप

कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक Hossein Pedaran पर यह गंभीर आरोप था कि उसने ईरान के केंद्रीय प्रांत इसफहान में मौजूद मिसाइल साइट्स से जुड़ी बेहद संवेदनशील और गुप्त जानकारी इसराइल की मोसाद एजेंसी को पहुंचाई थी। अभियोजकों का कहना था कि यह सारी जानकारी जून 2025 के दौरान हुए 12 दिनों के संघर्ष के वक्त पैसों के लालच में दी गई थी। हालांकि न्यायपालिका ने आरोपी को फांसी देने की पुष्टि कर दी है, लेकिन उसे पहली बार कब गिरफ्तार किया गया था और उसका ट्रायल कब चला, इस बारे में कोई भी सार्वजनिक जानकारी नहीं दी गई है।

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ईरान में तेजी से बढ़ी फांसी की सजा

ईरान में पिछले कुछ समय से मौत की सजा देने के मामलों में काफी तेजी देखने को मिली है। खासकर 28 February 2026 को अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद शुरू हुए मध्य पूर्व के युद्ध के बाद से ऐसे मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। Hossein Pedaran का यह मामला उन मामलों की सीरीज का हिस्सा है, जिनमें इसराइल के लिए जासूसी करने के आरोप शामिल हैं। इससे पहले अगस्त 2026 में भी दो अन्य लोगों पर ऐसी ही कार्रवाई की गई थी और अप्रैल 2026 में भी विदेशी खुफिया एजेंसियों को मिलिट्री और सिक्योरिटी ठिकानों की जानकारी देने के आरोप में कई लोगों को सजा दी गई थी।

मानवाधिकार संगठनों के आंकड़े

Iran Human Rights और Together Against the Death Penalty (ECPM) के आंकड़ों के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने साल 2025 में कम से कम 1639 लोगों को मौत की सजा दी, जो साल 1989 के बाद से सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। इसके अलावा Amnesty International की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया भर में चीन के बाद ईरान ही ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा संख्या में फांसी की सजा दी जाती है। इस तरह की ज्यादातर न्यायिक कार्रवाई सरकार विरोधी गतिविधियों या फिर विदेशी खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के आरोपों के तहत की जाती हैं।

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