ईरान ने किया साफ़, जो ईरानी बिकेगा और लटकेगा. मोबाइल से फोटो भेजने वाले दिया फासी।

तेहरान: ईरान-इज़राइल जंग के बीच एक और बड़ा खुलासा हुआ है, जो किसी जासूसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं! ईरान की न्यायपालिका ने आज पुष्टि की है कि उसने हुसैन पेदारन नाम के एक शख्स को फांसी पर लटका दिया है — आरोप था इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने का।
क्या था पूरा मामला?
ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी मिज़ान के मुताबिक:
- हुसैन पेदारन पर आरोप था कि उसने 12 दिनों की जंग के दौरान ईरान के मिसाइल ठिकानों की गुप्त जानकारी मोसाद तक पहुंचाई
- यह जानकारी खासतौर पर इस्फ़हान प्रांत में स्थित संवेदनशील सैन्य ठिकानों से जुड़ी थी
- सबसे चौंकाने वाली बात — उसने यह जासूसी किसी दबाव में नहीं, बल्कि पैसों के लालच में की!
- ईरान की सुप्रीम कोर्ट ने उसकी मौत की सज़ा को बरकरार रखते हुए फांसी की मंज़ूरी दी

यह कोई अकेला मामला नहीं!
यह घटना दिखाती है कि ईरान के अंदर जासूसों का जाल कितना गहरा फैला हुआ है। पिछले कुछ महीनों में ईरान लगातार ऐसे लोगों को पकड़-पकड़ कर सज़ा दे रहा है, जो कथित तौर पर मोसाद के लिए काम कर रहे थे — और सिर्फ पैसे या विदेश में बसने के सपने के लिए अपने ही देश की सुरक्षा दांव पर लगा रहे थे। हाल के हफ्तों में भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां लोगों को मिलिट्री साइट्स की फोटो खींचने, ट्रैफिक पैटर्न मॉनिटर करने और सर्वे करने जैसे "मोसाद मिशनों" के आरोप में मौत की सज़ा दी गई।
ईरान का सख्त रुख — "जो भी बिकेगा, वो लटकेगा!"
12 दिन की जंग के बाद ईरान ने जासूसी को लेकर अपने कानून और भी सख्त कर दिए हैं। अब जासूसी साबित होने पर सीधे मौत की सज़ा और संपत्ति ज़ब्त करने का प्रावधान है। ईरानी सरकार का साफ संदेश है — देश के अंदर बैठकर दुश्मन के लिए काम करने वालों को अब कोई रियायत नहीं मिलेगी।