सुप्रीम लीडर के निर्देश पर ईरान अब न युद्ध न शांति की स्थिति से बाहर निकलेगा

सुप्रीम लीडर के निर्देश पर राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ईरान को 'न युद्ध न शांति' की स्थिति से बाहर निकालने और क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत करने में जुटे हैं।

Gautam Sahu28 October 20262 min read0 viewsWorld
सुप्रीम लीडर के निर्देश पर ईरान अब न युद्ध न शांति की स्थिति से बाहर निकलेगा

तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने पुष्टि की है कि उनकी सरकार देश को 'न युद्ध न शांति' की स्थिति से बाहर निकालने के लिए काम कर रही है। यह कदम सुप्रीम लीडर मो जतबा खामेनेई द्वारा दिए गए एक औपचारिक निर्देश के बाद उठाया गया है।

यह आदेश मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रज़ाई और खामेनेई के बीच हुई बैठक के दौरान जारी किया गया। खामेनेई ने जोर दिया कि राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना जरूरी है। इसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण बनाए रखना और ईरानी लोगों व प्रतिरोध मोर्चे के हितों की रक्षा करना शामिल है।

राष्ट्रपति पेज़ेशकियन इस निर्देश को लागू करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। 27 अक्टूबर को मॉस्को में एक गैस शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात की। इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि मध्य पूर्व के देश अमेरिका के बिना ही अपने क्षेत्रीय मुद्दों को हल कर सकते हैं और उन्होंने अमेरिका की एकतरफा कार्रवाइयों की निंदा की।

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इसी बीच, तनाव कम करने की रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों ने तेहरान में ईरानी प्रतिनिधियों से मुलाकात की। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन बातचीत की सराहना करते हुए इसे क्षेत्रीय आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा का प्रबंधन बाहरी सैन्य हस्तक्षेप के बिना क्षेत्रीय देशों द्वारा किया जाना चाहिए।

ईरान इस समय प्रतिबंधों में ढील और बंदरगाहों तक पहुंच की मांग कर रहा है। सुरक्षा के मोर्चे पर 27 अक्टूबर को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूर्व में एक माइन हमले के कारण टैंकर में आग लगने की घटना सामने आई, जिसके बाद ईरानी नौसेना ने जहाजों को ईरानी बलों के साथ समन्वय करने की सलाह दी है।

दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्रालय ने 28 अक्टूबर 2026 को कतर के साथ राजनयिक तनाव पर बात की। प्रवक्ता महमूद मलेकी ने कतर से आग्रह किया कि वह मध्यस्थता से जुड़े अपने मीडिया बयानों में सावधानी बरते। साथ ही, ईरान ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर की गई टिप्पणियों के बाद अमेरिका पर कूटनीति की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।

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