अमेरिका से तनाव के बीच ईरान ने बढ़ाई बजीज मिलिशिया की फौज, बच्चों को लेकर भी आया बड़ा अपडेट.

अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपनी सैन्य ताकत को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। देश में सुरक्षा हालात को देखते हुए एक बड़े पैमाने पर मोबिलाइजेशन ड्राइव शुरू की गई है, जिसे 'Janfada' (Sacrificing Life) अभियान का नाम दिया गया है। इसके तहत देश भर में सैकड़ों हजारों वालंटियर्स को सैन्य यूनिट्स और नेबरहुड डिफेंस बटालियन में शामिल किया जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अधीन आने वाली Basij मिलिशिया के जरिए चलाई जा रही है। आम लोगों और कामगारों के बीच इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्षेत्रीय स्तर पर हालात किस करवट बैठेंगे।
राष्ट्रपति पेज़ेशकियान का बयान और तेहरान में सैन्य अभ्यास
इस बड़े अभियान की नींव इसी साल अप्रैल 2026 में रखी गई थी, जब ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने घोषणा की थी कि देश की रक्षा के लिए 14 million से ज्यादा नागरिकों ने वालंटियर के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके बाद सिलसिलेवार तरीके से जमीन पर काम शुरू हुआ और 18 सितंबर 2026 को तेहरान में एक बड़ा सैन्य अभ्यास आयोजित किया गया जिसमें रिपोर्ट के मुताबिक 313,000 लोगों ने हिस्सा लिया। Basij के प्रमुख Hossein Taeb ने साफ किया है कि यह स्ट्रीट-प्रेजेंस कैंपेन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। योजना यह है कि इस रिजर्व मॉडल को बढ़ाकर एक मिलियन यानी दस लाख लोगों तक पहुंचाया जाए, जबकि संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कुल 7 million वालंटियर्स जुटाने की मांग की है।
नाबालिगों की भर्ती पर खड़ा हुआ विवाद
इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में सबसे ज्यादा विवाद बच्चों और नाबालिगों को शामिल करने को लेकर बना हुआ है। इसी साल मार्च 2026 में शुरू किए गए 'Homeland-Defending Combatants for Iran' अभियान के तहत वालंटियर्स की न्यूनतम उम्र 12 साल तय की गई थी। हालांकि, Janfada के प्रवक्ता Sasan Zare ने सफाई देते हुए कहा कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों को केवल मिलिट्री कॉन्सेप्ट से परिचित कराया जाता है, उन्हें फॉर्मल तौर पर हथियारों की ट्रेनिंग नहीं दी जाती है। इसके बावजूद एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच जैसे बड़े मानवाधिकार संगठनों ने इस पर गहरी चिंता जताई है और नाबालिगों की भर्ती को संभावित वॉर क्राइम करार दिया है। तेहरान के IRGC प्रमुख Hassan Hassanzadeh ने हाल ही में पुष्टि की है कि इस चल रहे अभियान के लिए 600,000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिकी चेतावनी पर नया अपडेट
तनाव के बीच 20 सितंबर 2026 को ईरान की सेंट्रल मिलिट्री कमांड ने चेतावनी दी है कि उन्हें ऐसे खुफिया इनपुट मिले हैं कि अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। ईरान ने साफ कह दिया है कि अगर ऐसा कोई कदम उठाया गया तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी बेस और हितों पर लगातार हमले किए जाएंगे, साथ ही अमेरिका का साथ देने वाले क्षेत्रीय साझीदार भी इस संघर्ष में लपेटे में आ सकते हैं। इस बीच स्पीकर गालिबिफ ने ऐलान किया है कि जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं होतीं और अमेरिका अपने कमिटमेंट पूरे नहीं करता, तब तक Strait of Hormuz को बंद रखा जाएगा। कतर के जरिए मध्यस्थता कराते हुए ईरान ने वाशिंगटन को सात सूत्रीय कूटनीतिक फ्रेमवर्क सौंपा है, जिसमें मल्टी-फ्रंट hostilities को खत्म करने, वित्तीय संपत्तियों से पाबंदी हटाने और नौसेना की नाकाबंदी को हमेशा के लिए हटाने की मांग की गई है। इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए UK Government Country Policy and Information Note में भी सुरक्षा हालात का जिक्र किया गया है, और अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने भी संभावित क्षेत्रीय तनाव को लेकर सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया है।