ईरान के विदेश मंत्री का बड़ा बयान, अमेरिका को इस्राइली प्रभाव से आज़ाद होने की दी सलाह।

Praggya Singh sabal22 September 20262 min read0 viewsWorld
ईरान के विदेश मंत्री का बड़ा बयान, अमेरिका को इस्राइली प्रभाव से आज़ाद होने की दी सलाह।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भाग लेने के लिए अमेरिका पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने वाशिंगटन को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अमेरिका से कहा कि वह इस्राइल के प्रभाव से खुद को पूरी तरह आज़ाद कर ले और अपनी नीतियों पर नए सिरे से विचार करे। 22 सितंबर 2026 को जारी किए गए उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।

ईरानी विदेश मंत्री का यह बयान इस्राइली अखबार इस्रायल हायोम में 20 सितंबर को छपे एक लेख के जवाब में आया था। इस लेख में लेखक योएव लिमोर ने तर्क दिया था कि अमेरिकी विदेश नीति ऐसी होनी चाहिए जो वाशिंगटन को इस्राइल के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई या असम्मान पर भारी कीमत वसूलने के लिए बाध्य करे। इसी बात पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी मंत्री ने अमेरिका को इन बेड़ियों से बाहर निकलने की बात कही।

संयुक्त राष्ट्र पर जताया भरोसा

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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ 22 सितंबर को न्यूयॉर्क पहुंचे सैयद अब्बास अरागची ने मौजूदा हालात को अमेरिका और इस्राइल के बीच चल रही एक 'युद्ध जैसी स्थिति' बताया। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ फोन पर लंबी बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि फिलिस्तीन, गाजा, लेबनान और ईरान में चल रहे संघर्षों को रोकने में संयुक्त राष्ट्र की नाकामी के कारण लोगों का इस संस्था से विश्वास पूरी तरह उठ चुका है।

वीज़ा विवाद और नए प्रतिबंधों का साया

जब ईरानी प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में हिस्सा लेने के लिए अपनी कूटनीतिक चालें चल रहा था, तब तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव अपने चरम पर था। तय कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को महासभा को संबोधित करना था, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके कम्युनिकेशंस टीम के सदस्यों को अमेरिकी वीज़ा देने से इनकार कर दिया गया था। इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में नए सेकेंडरी प्रतिबंधों की घोषणा की, जो 23 सितंबर से लागू होने जा रहे हैं। इन नए प्रतिबंधों के तहत ईरानी कमर्शियल एयरलाइंस के सभी वैश्विक संचालन पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे। इन तमाम मुश्किलों और तनावपूर्ण माहौल के बीच कतर दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

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