अमेरिका और इसराइल हमारे मिसाइल सिस्टम को रोकने में पूरी तरह फेल, ईरानी विदेश मंत्री का बड़ा दावा.

Aanya28 August 20263 min read24 viewsWorld
अमेरिका और इसराइल हमारे मिसाइल सिस्टम को रोकने में पूरी तरह फेल, ईरानी विदेश मंत्री का बड़ा दावा.

ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने एक बड़ा और कड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका और इसराइल मिलकर भी ईरानी मिसाइल सिस्टम को रोकने में पूरी तरह से बेबस साबित हुए हैं। यह जानकारी 28 अगस्त 2026 को सामने आई रिपोर्टों के आधार पर दी गई है। इस बयान के आने से पहले मध्य पूर्व में तनाव का माहौल लगातार बना हुआ है और इस बात को पूरे छह महीने बीत चुके हैं जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान के सैन्य ठिकानों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों पर हमले शुरू किए थे। इस संघर्ष की वजह से आम लोगों के जीवन और सुरक्षा पर भी काफी असर पड़ा है।

खुफिया रिपोर्टों और मिसाइल भंडारों पर चर्चा

इसराइल के रक्षा अधिकारियों की हालिया खुफिया रिपोर्टों में इस बात पर गहरी चिंता जताई गई है कि 2026 के युद्ध के बाद ईरान बहुत तेजी से खुद को संभाल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल के खजाने को उतनी तेजी से दोबारा तैयार कर रहा है जितनी उम्मीद किसी ने नहीं की थी। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी सैन्य आकलनों का कहना है कि पूरे 2026 के दौरान किए गए हमलों से ईरान की क्षेत्रीय ताकत दिखाने की क्षमता में काफी कमी आई है। इसके अलावा, रिपोर्ट्स से यह भी पता चलता है कि यूरोप में अमेरिका के पास मौजूद आधुनिक मिसाइल इंटरसेप्टर का स्टॉक खतरनाक स्तर यानी 'बियॉन्ड क्रिटिकल' तक पहुंच गया है, जो इस चल रहे युद्ध के कारण और ज्यादा गंभीर हो गया है।

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कूटनीतिक तनाव और नए प्रतिबंध

दोनों तरफ से कूटनीतिक बयानों में नरमी नहीं आ रही है और माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। 28 अगस्त को ईरानी विदेश मंत्रालय ने दुनिया के सभी देशों से अपील की कि वे अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे नए प्रतिबंधों को खारिज कर दें और उन्हें 'स्टेट टेररििज्म' यानी राज्य प्रायोजित आतंकवाद की श्रेणी में रखें। इसके अलावा, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने 27 अगस्त को चेतावनी दी थी कि ईरान अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं करता है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर अमेरिका ने आगे किसी भी तरह की शरारत की, तो ईरान उसके आर्थिक और सैन्य हितों को भारी नुकसान पहुंचाएगा। मोहसेन रेजाई ने यह भी कहा कि जब तक अमेरिका ईरान की खास शर्तों को नहीं मानता, तब तक Strait of Hormuz यानी होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा।

सैन्य रणनीतियां और नाकाबंदी

ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने हाल ही में अपने हमलों के नए तौर-तरीके तय किए हैं। इनमें इसराइल या अमेरिका के किसी भी हमले का 'रैपिड रिस्पॉन्स' यानी तुरंत जवाब देने की रणनीति शामिल है। इसके अलावा, एक साथ कई बार जवाबी हमले करने और अमेरिका की संपत्तियों पर पहले से ही एहतियातन हमला करने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। यह तमाम घटनाएं ऐसे समय में हो रही हैं जब एक तरफ अमेरिका की तरफ से जवाबी नाकाबंदी जारी है और दूसरी तरफ ईरान ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी नाकाबंदी को पूरी सख्ती के साथ लागू कर रखा है। इस स्थिति की वजह से खाड़ी देशों में आने-जाने वाले लोगों और व्यापार पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है।

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