Iran News: तेहरान में खाड़ी देशों की मध्यस्थता पर ईरानी विदेश मंत्री ने की तारीफ, अमेरिका पर साधा निशाना.

Aanya28 August 20263 min read57 viewsQatar
Iran News: तेहरान में खाड़ी देशों की मध्यस्थता पर ईरानी विदेश मंत्री ने की तारीफ, अमेरिका पर साधा निशाना.

तेहरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच अब कूटनीति के मोर्चे पर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने हाल ही में क्षेत्रीय देशों द्वारा की जा रही मध्यस्थता की खुलकर सराहना की है। पिछले कुछ समय से अमेरिका के साथ बातचीत के रास्ते बंद पड़े हैं और क्षेत्रीय तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है, जिसे कम करने के लिए पड़ोसी देश लगातार प्रयास कर रहे हैं। ईरान की राजधानी तेहरान में इन दिनों कूटनीतिक बैठकों का दौर तेजी से चल रहा है और कई बड़े नेता आपसी शांति के लिए लगातार बातचीत की कोशिश कर रहे हैं।

कतर के प्रधानमंत्री का दौरा और अहम बैठकें

बीते 27 अगस्त 2026 को कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने तेहरान का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian, संसद के स्पीकर Mohammad Baqer Ghalibaf, विदेश मंत्री Abbas Araghchi और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei से उच्च स्तर पर मुलाकात की। इस अहम यात्रा का मुख्य मकसद रुकी हुई कूटनीतिक प्रक्रियाओं को फिर से शुरू करना और क्षेत्रीय शांति को मजबूत करना था। बैठकों के दौरान कतर के प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि बातचीत में आगे बढ़ने के लिए सभी पक्षों को सकारात्मक रुख दिखाना होगा और क्षेत्रीय संप्रभुता के साथ नौवहन की स्वतंत्रता का पूरा सम्मान करना बेहद जरूरी है। इस पूरी यात्रा की विस्तृत जानकारी QNA के आधिकारिक पोर्टल पर साझा की गई है। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने इस दौरान कतर, ओमान और पाकिस्तान की तरफ से स्थिरता लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जमकर तारीफ की और यह दोहराया कि ईरान किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।

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ओमान और पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशें

कतर के नेताओं के आने से ठीक पहले, 25 अगस्त को ओमान के विदेश मंत्री Badr al Busaidi ने भी तेहरान का दौरा किया था। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अस्थायी समुद्री गलियारे और बारूदी सुरंग हटाने के अभियानों के लिए एक चरणबद्ध रूपरेखा पर लंबी चर्चा की थी। इसके अलावा 26 अगस्त को पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल Asim Munir ने भी तेहरान का दौरा किया था। खाड़ी के इन देशों की तरफ से लगातार यह कोशिश की जा रही है कि किसी तरह क्षेत्र में शांति का माहौल बने और व्यापारिक रास्ते खुले रहें। कुवैत के विदेश मंत्री के साथ भी ईरानी अधिकारियों की क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर बातचीत हो चुकी है, जिसके बाद तेहरान ने आधिकारिक तौर पर कुवैत की मध्यस्थता के प्रयासों को स्वीकार किया है।

अमेरिका के खिलाफ ईरान का कड़ा रुख

एक तरफ जहां पड़ोसी देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के साथ ईरान के रिश्ते लगातार तल्ख बने हुए हैं। 27 अगस्त को ईरानी विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के खिलाफ एक औपचारिक पत्र दर्ज कराया। इसमें आरोप लगाया गया कि अमेरिका द्वारा 24 अगस्त को लगाए गए नए प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं और इनके जरिए तेहरान को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से दूर रखने की आर्थिक जोर-जबरदस्ती की जा रही है। संसद के स्पीकर गालिबफ ने अमेरिका के इस कदम को पूरी तरह से आर्थिक युद्ध करार दिया है। वहीं, मोहसिन रजाई ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान पर और अधिक दबाव या उकसावे की कार्रवाई की गई, तो देश अमेरिकी हितों को निशाना बनाएगा और जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद ही रहेगा।

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