अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों का इंतजार नहीं करेगा ईरान, नीति नहीं बदलेगी
ईरान ने साफ किया है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों से उसकी विदेश नीति और राष्ट्रीय रणनीतियों में कोई बदलाव नहीं आएगा।

तेहरान: ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों का उसकी विदेश नीति की रणनीति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम घरिबाबादी ने 3 नवंबर, 2026 को यह बात कही।
घरिबाबादी ने जोर देकर कहा कि तेहरान न तो चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहा है और न ही परिणामों के आधार पर अपनी राष्ट्रीय नीतियों में कोई बदलाव करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने भी इसी बात को दोहराया। उन्होंने बताया कि ईरान को यह उम्मीद नहीं है कि चुनाव प्रक्रिया से अमेरिका के नजरिए में कोई बुनियादी बदलाव आएगा।
बता दें कि इसी दिन अमेरिका में मध्यावधि चुनाव आयोजित किए गए। इन चुनावों में 120वें अमेरिकी कांग्रेस के लिए हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मुकाबला है।
इन राजनीतिक हलचलों के बीच उप विदेश मंत्री घरिबाबादी हाल ही में दोहा गए थे। वहां उन्होंने कतरी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ राजनयिक संदेशों का आदान-प्रदान किया। यह चर्चा एक संशोधित दो दिवसीय प्रस्ताव को लेकर थी, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को खत्म करने जैसी ईरानी मांगों को पूरा करना है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ईरान पर हमलों को रोकने के लिए एक अनौपचारिक रोक लगाई थी, जिसकी समय सीमा चुनाव के दिन समाप्त होनी थी। हालांकि, 3 नवंबर तक की रिपोर्टों के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ने तेहरान के ताजा प्रस्ताव को न तो स्वीकार किया है और न ही खारिज किया है।