ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने राष्ट्रपति मैक्रों की परमाणु नीति को विरोधाभासी बताते हुए अपनी बात साफ करने को कहा

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की परमाणु नीति को विरोधाभासी बताया और उन पर सवाल उठाए।

Gautam Sahu22 October 20261 min read0 viewsWorld
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने राष्ट्रपति मैक्रों की परमाणु नीति को विरोधाभासी बताते हुए अपनी बात साफ करने को कहा

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अराघची ने कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों ईरान की परमाणु गतिविधियों पर फ्रांस के पुराने और नए स्टैंड को लेकर विरोधाभासी बातें कर रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए अराघची ने मैक्रों से अपनी कहानी साफ करने को कहा। यह प्रतिक्रिया मैक्रों के उस दावे के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि पेरिस हमेशा से ईरान में किसी भी तरह की परमाणु गतिविधि का विरोध करता रहा है।

अराघची ने इस दावे की तुलना मैक्रों के 2018 के उस भाषण से की जो उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस के सामने दिया था। उस समय फ्रांसीसी नेता ने कहा था कि फ्रांस JCPOA (2015 का परमाणु समझौता) नहीं छोड़ेगा क्योंकि उन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए थे।

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दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। 20 से 21 अक्टूबर 2026 तक दोहा की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों और कतर के अमीर ने एक संयुक्त बयान जारी किया था। इसमें उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम की शांतिपूर्ण प्रकृति सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।

उसी यात्रा के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान जारी कर कतर के प्रति मैक्रों की पूरी एकजुटता जताई और क्षेत्र के देशों पर ईरान के सैन्य हमलों की निंदा की।

इससे पहले 10 अक्टूबर 2026 को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाएई ने भी मैक्रों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया था। बगाएई ने कहा कि फ्रांस अपनी परमाणु क्षमता का समर्थन करता है लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम का विरोध करता है।

इन तनावों के बीच अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि रूस अमेरिका और ईरान के बीच एक नए समझौते के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है।

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