इराक से अमेरिकी सेना की वापसी को ईरान ने बताया ऐतिहासिक जीत

मध्य पूर्व की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने औपचारिक रूप से बयान जारी कर इराक से अमेरिकी और अन्य विदेशी सैन्य बलों की पूर्ण विदाई का स्वागत किया है। इस घटनाक्रम को पश्चिम एशिया में एक नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
अभियान का अंत और संप्रभुता दिवस
अमेरिकी सेना ने इराक में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ चलाए जा रहे अपने 12 साल लंबे अभियान को आधिकारिक रूप से पूरा कर लिया है। अमेरिका के साथ-साथ ब्रिटेन और इटली के सैन्य कर्मियों ने भी देश छोड़ दिया है। इस बदलाव के बाद इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने एक अक्टूबर को 'संप्रभुता दिवस' घोषित किया, जो देश की पूरी सुरक्षा जिम्मेदारी संभालने का प्रतीक है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और आंतरिक चुनौतियां
विदेशी सैनिकों के जाने के बाद इराक के सामने अपनी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की बड़ी चुनौती है। प्रधानमंत्री अल-जैदी ने एक रोडमैप पेश किया है जिसके तहत अगले साल जून तक सभी सशस्त्र गुटों के हथियारों को राज्य के नियंत्रण में लाने की योजना है। हालांकि, कुछ गुटों ने इस शर्त का विरोध भी किया है, जिससे देश के राजनीतिक और सुरक्षा समीकरणों पर असर पड़ सकता है।
ईरान ने इस पूरे घटनाक्रम को अपनी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा है और उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में क्षेत्रीय सुरक्षा की बागडोर पूरी तरह से स्थानीय आबादी के हाथों में होगी।