Iran Crisis: ईरान में महंगाई से जनता बेहाल, खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान पर पहुंचे.

Nura Basta19 September 20262 min read22 viewsWorld
Iran Crisis: ईरान में महंगाई से जनता बेहाल, खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान पर पहुंचे.

ईरान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता Ali Zeynivand ने 19 सितंबर 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में तेजी से बढ़ती महंगाई और आर्थिक तंगी की वजह से आम जनता बहुत ज्यादा परेशान है। सरकार इस समस्या को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके साथ ही युद्ध के बाद टूटे हुए घरों और पुलिस स्टेशनों जैसी सरकारी इमारतों को ठीक करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

महंगाई ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

ईरान के सांख्यिकी केंद्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में गरीबों और अमीरों के बीच की खाई लगातार बढ़ रही है और लोगों की खरीदने की ताकत कम हो गई है। आर्थिक आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 में महंगाई दर बढ़कर 84.4 प्रतिशत हो गई जबकि इससे पहले जुलाई में यह 87.9 प्रतिशत थी। खाने-पीने की चीजों के दाम में पिछले साल के मुकाबले 127 प्रतिशत से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा खाद्य और औषधि प्रशासन के प्रमुख ने बताया कि इस साल दवाइयों की कीमतों में लगभग 103 प्रतिशत की तेजी आई है और कुछ दवाइयां तो 500 प्रतिशत तक महंगी हो गई हैं।

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सरकार के सामने बजट की बड़ी चुनौती

देश के पहले उपराष्ट्रपति Mohammad Reza Aref ने 18 सितंबर 2026 को गहरी चिंता जताते हुए कहा कि अधिकारी इस बात से शर्मिंदा हैं कि आम लोगों की कमाई उनके खर्चों के मुकाबले बहुत कम है। उन्होंने यह भी साफ किया कि जब महंगाई 60 से 70 प्रतिशत के बीच चल रही है तो ऐसे में कर्मचारियों की सैलरी केवल 20 प्रतिशत बढ़ाना बिल्कुल मुमकिन नहीं है। सरकार की प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने हाल ही में बताया कि साल के पहले छह महीनों में टैक्स से मिलने वाले राजस्व में 310 ट्रिलियन तोमान की भारी कमी आई है। इसके अलावा पिछले छह महीनों में ईरानी मुद्रा डॉलर के मुकाबले 44 प्रतिशत तक कमजोर हो चुकी है और बाजार में यह करीब 2.30 से 2.33 मिलियन रियाल के आसपास ट्रेड कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय दबाव और प्रतिबंध

राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि आम जनता अब बर्दाश्त करने की आखिरी सीमा पर पहुंच चुकी है और उन्होंने जनता पर ऐसा और दबाव डालने से मना किया जिससे साल 2019 जैसे पेट्रोल की कीमतों को लेकर हुए प्रदर्शन फिर से भड़क उठें। इस आर्थिक संकट के बीच देश पर अंतरराष्ट्रीय दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 18 सितंबर 2026 को 'Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026' कानून पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही तुर्की के बैंकिंग रेगुलेटर BDDK ने अमेरिका के लगातार आर्थिक दबाव के चलते 19 सितंबर 2026 को इस्तांबुल में स्थित ईरान के Mellat Bank की ब्रांच का लाइसेंस रद्द कर दिया है।

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