RAF Fairford सुरक्षा उल्लंघन: क्या ईरान का है हाथ? ब्रिटिश PM का बड़ा आरोप

ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बुधवार को संकेत दिया कि अमेरिका द्वारा उपयोग किए जाने वाले सैन्य प्रतिष्ठान, RAF Fairford में हुई हालिया सुरक्षा घटना के पीछे ईरान की संलिप्तता होने के "मजबूत संकेत" मिले हैं। यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
क्या हुआ था RAF Fairford में?
यह घटना 27 और 28 सितंबर, 2026 के बीच हुई। इस मामले में ब्रिटिश पुलिस ने संदिग्धों की गिरफ्तारी की है। घटना के विवरण इस प्रकार हैं:
- गिरफ्तारी: बेस के पास से 20 से 25 वर्ष की आयु के पांच ब्रिटिश पुरुषों को हिरासत में लिया गया।
- बरामदगी: हालांकि पुलिस को कोई विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन संदिग्धों के वाहनों से भारी मात्रा में पेट्रोल और खाली प्लास्टिक ड्रम बरामद हुए हैं।
- वर्तमान स्थिति: सख्त शर्तों के साथ इन पांचों पुरुषों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है, लेकिन जांच अभी भी जारी है।
काउंटरटेररिज्म पुलिस के असिस्टेंट कमिश्नर लॉरेंस टेलर ने स्पष्ट किया कि जांच दल सभी पहलुओं पर गौर कर रहा है, जिसमें विदेशी राज्य या प्रॉक्सी समूहों से संभावित संबंध भी शामिल हैं।
ईरान ने आरोपों को नकारा
ब्रिटिश प्रधानमंत्री के इस दावे के तुरंत बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ब्रिटिश सरकार "गलत दिशा में जा रही है।"
लंदन में ईरानी दूतावास ने भी इन आरोपों को "निराधार और दुर्भावनापूर्ण अटकलें" तथा "ईरानोफोबिक प्रोपेगेंडा" करार दिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी हलचल
इस मामले ने वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संदिग्धों को जमानत पर रिहा किए जाने के फैसले की आलोचना की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर है। इससे पहले MI5 के निदेशक सर मैककलम ने बताया था कि पिछले एक साल में यूके में ईरान समर्थित 20 से अधिक साजिशों की पहचान की गई है। यूके विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने इस घटना को देश के सामने मौजूद सुरक्षा खतरानों की एक कड़ी चेतावनी बताया है।