संयुक्त राष्ट्र में ईरान-इराक की बड़ी बैठक, सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर अहम चर्चा

Nura Basta23 September 20262 min read0 viewsWorld
संयुक्त राष्ट्र में ईरान-इराक की बड़ी बैठक, सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर अहम चर्चा

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान, ईरान और इराक के विदेश मंत्रियों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकवाद विरोधी प्रयासों में सहयोग बढ़ाने पर गंभीरता से विचार किया गया। यह बैठक क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में सुरक्षा चुनौतियां लगातार बनी हुई हैं।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और इराक के विदेश मंत्री फुआद हुसैन ने 23 सितंबर, 2026 को यह उच्च-स्तरीय चर्चा की। इस दौरान सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि व्यापार, आर्थिक साझेदारी और कांसुलर मामलों जैसे कई द्विपक्षीय मुद्दों पर भी विस्तार से बातचीत हुई, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को गहरा करने की इच्छा को दर्शाता है।

बैठक में, मंत्री अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्री सुरक्षा की स्थिति के बारे में मंत्री हुसैन को जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि ईरान और ओमान के बीच एक समझौता हुआ है, जिसका उद्देश्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में सुरक्षित आवागमन के रास्ते स्थापित करना है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक प्रमुख मार्ग है, और इसकी सुरक्षा पूरे विश्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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मंत्री अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूदा असुरक्षा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और ज़ायोनी शासन (Zionist regime) की "आक्रामक नीतियों" को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा तभी संभव है जब वाशिंगटन अपनी "अस्थिर करने वाली कार्रवाइयों" को बंद कर दे। ईरान हमेशा से इस क्षेत्र में बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप का विरोध करता रहा है और इसे अपनी संप्रभुता के लिए खतरा मानता है।

इसके अलावा, ईरानी विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पड़ोसी देशों को "अच्छे पड़ोसीपन" के सिद्धांत का पालन करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से यह आह्वान किया कि कोई भी विदेशी इकाई उनके क्षेत्र या सुविधाओं का उपयोग इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ अवैध संचालन के लिए न करे। यह ईरान की उन चिंताओं को दर्शाता है कि कुछ पड़ोसी देश विदेशी सैन्य गतिविधियों के लिए अपनी धरती का इस्तेमाल करने दे सकते हैं।

मंत्री अराघची ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यह बयान इस बात पर ज़ोर देता है कि ईरान अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता पर कोई समझौता नहीं करेगा और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

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