हormuz जलडमरूमध्य में बड़ा हादसा, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दावा- खदानों की चपेट में आए दो तेल टैंकर.

हormuz जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा को लेकर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। 2 सितंबर 2026 को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स यानी IRGC ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि इस समुद्री रास्ते से गुजरने के दौरान दो तेल टैंकर नौकायन खदानों से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय नौवहन और खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के बीच चिंता का माहौल बढ़ गया है, क्योंकि इस क्षेत्र में सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव
आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि ये दोनों जहाज अमेरिकी सेना की मदद से अवैध और अनाधिकृत रूट का इस्तेमाल कर रहे थे। उनका दावा है कि इन घटनाओं से पहले अमेरिकी आदेशों के तहत क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। आईआरजीसी ने नौवहन नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है और विदेशी ताकतों का साथ देने वाली शिपिंग कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे क्षेत्रीय स्तर पर बड़ा टकराव चल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई 'टैंकर के बदले टैंकर' नीति के तहत अमेरिकी सेना ने ईरान के दो सरकारी टैंकरों पर हमले किए थे।
मध्य पूर्व में सैन्य कार्रवाई और असर
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने वाणिज्यिक जहाजों और अमेरिकी कर्मियों पर हुए हमलों के जवाब में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत रडार सिस्टम, एयर डिफेंस साइट्स, मिसाइल लॉन्चर और खदान बिछाने की क्षमताओं सहित लगभग 100 आईआरजीसी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। बहरीन स्थित जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर के मुताबिक, हormuz जलडमरूमध्य में कमर्शियल शिपिंग लगभग ठप पड़ी है और लगातार निगरानी के कारण माहौल सामान्य नहीं है। इसके अलावा, कुहेस्तक के एक विवाह समारोह में अमेरिकी हवाई हमलों के दौरान 5 लोगों की मौत और 50 लोगों के घायल होने की खबर पर ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।