Iran News: ईरान ने बदला बड़ा सैन्य प्लान, अब रक्षात्मक नहीं आक्रामक ऑपरेशन की दी चेतावनी.

ईरान से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है जहाँ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC के बड़े कमांडर Hassan Hassanzadeh ने यह ऐलान किया है कि देश अब रक्षात्मक रणनीति से पूरी तरह बाहर आ चुका है। 10 सितंबर 2026 को ग्रेटर तेहरान और मोहम्मद रसूलुल्लाह डिवीजन के कमांडर ने सैन्य अभ्यास के दौरान यह साफ कर दिया कि ईरान ने आक्रामक अभियानों की दहलीज पर कदम रख दिया है। इस बड़े बदलाव को उन्होंने एक रणनीतिक मोड़ बताया है जिससे आने वाले समय में दुश्मनों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
विशेष ऑपरेशन यूनिट्स और नई सैन्य तैयारी
कमांडर Hassan Hassanzadeh ने विशेष सैन्य युद्धाभ्यास के दौरान जोर देकर कहा कि अब ईरानी सेना किसी भी परिस्थिति और किसी भी क्षेत्र में तुरंत तैनात होने के लिए पूरी तरह तैयार है ताकि खतरों को जड़ से खत्म किया जा सके। इस नई रणनीति के तहत IRGC ने विशेष और तीव्र यानी लाइटनिंग ऑपरेशन के लिए खास आक्रामक टीमों, यूनिट्स और डिवीजनों का गठन किया है। कमांडर का यह मानना है कि युद्ध में जीत केवल आधुनिक मिसाइल, ड्रोन और नौसेना की तकनीक से नहीं बल्कि पक्के विश्वास और जीत की भावना से मिलती है।
मुख्य निशाने पर अमेरिका और इस्राइल
अपने इस संबोधन में ईरानी कमांडर ने खुलकर अमेरिका, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इस्राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को देश का मुख्य दुश्मन बताया। उन्होंने यह भी दावा किया कि दुश्मन इस समय फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में बुरी तरह फंस चुके हैं। यह पूरा बयान ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बहुत ज्यादा बढ़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी पोर्ट्स पर अमेरिका की नाकेबंदी को तोड़ने के लिए ईरान फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना को लगातार निशाना बना रहा है, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने कई ईरानी टैंकरों को नष्ट भी किया है।
आने वाला बड़ा सैन्य अभ्यास
तनाव के इस माहौल के बीच IRGC ने आने वाले दिनों में एक बहुत बड़े सैन्य अभ्यास का ऐलान किया है जिसका नाम Janfada-ye Iran रखा गया है। यह बड़ा सैन्य अभ्यास आगामी 18 सितंबर को आयोजित किया जाएगा जिसमें देश की संगठित सैन्य ताकत का प्रदर्शन करने के लिए कुल 313,000 लोग हिस्सा लेंगे। इस पूरे घटनाक्रम से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बन गया है क्योंकि क्षेत्रीय स्तर पर टकराव लगातार गहराता जा रहा है।