ईरान के IRGC का दावा: अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में 260 दुश्मन विमान गिराए

IRGC प्रवक्ता ने दावा किया कि ईरान ने 260 दुश्मन विमान गिराए और 7 ड्रोन जब्त किए। उन्होंने नई सैन्य क्षमताओं से दुश्मनों के हैरान होने की बात कही।

Gautam Sahu7 November 20262 min read0 viewsWorld
ईरान के IRGC का दावा: अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में 260 दुश्मन विमान गिराए

तेहरान (ईरान): इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एरोस्पेस फोर्स ने अपनी सैन्य क्षमताओं और तकनीकी उपलब्धियों का दावा किया है। IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने बताया कि अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू की गई सैन्य कार्रवाइयों के दौरान वायु रक्षा इकाइयों ने 260 दुश्मन विमानों को मार गिराया।

तेहरान के सरचेशमे सांस्कृतिक परिसर में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जनरल मोहेब्बी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले दो हफ्तों में सात MQM-170 टोही ड्रोन को सुरक्षित हालत में जब्त किया गया है। प्रवक्ता के मुताबिक, यह दुश्मन पर ईरान की तकनीकी श्रेष्ठता का प्रमाण है।

सैन्य तैयारियों पर बात करते हुए जनरल मोहेब्बी ने कहा कि देश ने अपनी भौगोलिक स्थिति और घरेलू तकनीकी क्षमता का उपयोग करके जमीन के नीचे व्यापक मिसाइल सुविधाएं बनाई हैं। उन्होंने बताया कि दुश्मन की बमबारी के बावजूद मिसाइलों और ड्रोनों का उत्पादन जारी रहा और उत्पादन केंद्रों को जमीन के ऊपर से हटाकर भूमिगत कर दिया गया है।

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प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दोबारा युद्ध छिड़ता है, तो दुनिया IRGC एरोस्पेस फोर्स की नई क्षमताओं को देखेगी और दुश्मन उसकी ताकत देखकर दंग रह जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि एरोस्पेस सप्ताह के दौरान विशेष सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा ताकि जनता उन्हें करीब से देख सके।

संस्थान की प्रगति का विवरण देते हुए अधिकारी ने विकास के तीन मुख्य स्तंभ बताए। इसमें पहला स्तंभ एरोस्पेस क्षेत्र में स्वदेशी वैज्ञानिक विशेषज्ञता विकसित करना है। मोहेब्बी ने कहा कि इस कदम ने देश के रक्षा और आक्रामक उद्योग में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे ईरान सैन्य हथियारों के आयातक से बदलकर एरोस्पेस क्षेत्र में निर्यातक बन गया है।

दूसरे स्तंभ के तहत औद्योगिक अनुप्रयोग और मालिकाना विनिर्माण पर जोर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप अब घरेलू जरूरतों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों को अरमान मिसाइल, 358 ड्रोन और खोरदाद-3 एयर डिफेंस सिस्टम जैसे उपकरण सप्लाई किए जा रहे हैं।

तीसरे स्तंभ का केंद्र पूरी तरह से आत्मनिर्भरता है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि अब एरोस्पेस फोर्स के हथियार और उनके पुर्जे पूरी तरह से घरेलू विशेषज्ञता पर आधारित हैं और इनके लिए किसी भी विदेशी देश पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है।

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