ईरान की सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव, अब रक्षात्मक रुख छोड़कर हमलावर देशों पर आक्रामक कार्रवाई करेगा IRGC

तेहरान: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपनी सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब ईरान केवल हमलों का जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हमला करने वाले देशों के खिलाफ आक्रामक और असममित सैन्य कार्रवाई भी करेगा।
IRGC के प्रवक्ता हुसैन मोहेबी ने 21 अक्टूबर 2026 को बताया कि देश का पुराना रक्षात्मक नजरिया अब बदल चुका है। अब नई रणनीति के तहत किसी भी देश द्वारा शत्रुता शुरू करने पर न केवल उसका जवाब दिया जाएगा, बल्कि उसके खिलाफ आक्रामक अभियान भी चलाए जाएंगे।
मोहेबी के मुताबिक इस बदलाव का मकसद सैन्य खतरों के खिलाफ एक स्थायी और पूर्ण प्रतिरोध पैदा करना है। उन्होंने कहा कि इस रणनीति से यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी दुश्मन को ईरानी कार्रवाई की पूरी ताकत महसूस हो।
वहीं प्रेस टीवी से बात करते हुए एक वरिष्ठ ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि ईरान अब पूर्ण पैमाने पर, बहुस्तरीय और व्यापक युद्ध के लिए तैयार है। अधिकारी ने दावा किया कि ईरान ने किसी भी तरह के हमले, हत्या या साजिश का बिना किसी पाबंदी के जवाब देने का पक्का फैसला कर लिया है।
उन्होंने आगे बताया कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं संभावित हमलावरों और उनके क्षेत्रीय समर्थकों की संपत्तियों और हितों को निशाना बनाने के लिए तैयार हैं।
बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका के साथ बातचीत पर अपनी स्थिति साफ की है। उन्होंने कहा कि जब तक व्यवहार में सभी धमकियां और प्रतिबंध खत्म नहीं हो जाते, तब तक अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू नहीं होगी। राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने जोर देकर कहा कि धमकियों और दबाव की भाषा में की जाने वाली बातचीत का कोई मतलब नहीं है।