ईरान की नई सैन्य रणनीति के बाद IRGC ने दी चेतावनी, कहा कि अमेरिकी हमलों पर मध्य पूर्व के ठिकानों को करेंगे निशाना
ईरान की IRGC ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि हमलों की स्थिति में वह मध्य पूर्व के अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर सकता है।

तेहरान: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को औपचारिक चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सैन्य हमले दोबारा शुरू हुए, तो ईरान पड़ोसी देशों में घुसपैठ कर सकता है और मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सीधे हमले कर सकता है।
यह चेतावनी तेहरान द्वारा एक नई 'आक्रामक और असममित' सैन्य रणनीति अपनाने के बाद आई है। इसका मकसद स्थायी और पूर्ण प्रतिरोध हासिल करना है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने 21 अक्टूबर को ऐलान किया कि ईरान अब अपनी प्रतिक्रिया को केवल रक्षा तक सीमित नहीं रखेगा। उन्होंने साफ किया कि हमले की स्थिति में देश आक्रामक अभियान चलाएगा।
इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ गया है। IRGC ने धमकी दी है कि अगर अमेरिकी सेना उन रास्तों से वाणिज्यिक जहाजों को ले जाना जारी रखती है जिन्हें ईरान 'अवैध और माइनयुक्त' मानता है, तो वह अमेरिकी हितों पर हमला करेगा।
IRGC ने बताया कि 22 अक्टूबर को उत्तरी फारस की खाड़ी में जहाज-से-जहाज तेल ट्रांसफर करने वाले चार जहाजों पर हमला किया गया, क्योंकि वे अवैध रास्तों पर चल रहे थे। इसके अलावा, 21 अक्टूबर की शाम को होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में तीन अन्य जहाज समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गए। ईरानी अधिकारियों ने इन समुद्री घटनाओं के लिए अमेरिकी सेना को उकसाने का आरोप लगाया है।
कूटनीतिक मोर्चे पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 21 अक्टूबर को कहा कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार है और अप्रत्यक्ष युद्धविराम वार्ताओं में हिस्सा ले रहा है, लेकिन देश पूरी तरह से बहुस्तरीय युद्ध के लिए तैयार है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने जोर दिया कि बातचीत तभी आगे बढ़ सकती है जब प्रतिबंध और धमकियां हटा ली जाएं।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 21 अक्टूबर को कहा कि वाशिंगटन फिलहाल तेहरान के साथ बातचीत नहीं कर रहा है, लेकिन जल्द ही महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की उम्मीद है।
इजरायल के इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज के शोधकर्ता डैनी सिट्रिनोविज़ जैसे विश्लेषकों ने आशंका जताई है कि यदि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू आगामी चुनावों में जीत जाते हैं, तो सैन्य कार्रवाई तेज हो सकती है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद संभावित हमलों की योजना बनाई है। 20 अक्टूबर को ईरानी सीमा के पास इजरायली वायु सेना ने अभ्यास भी किया था।
इसी बीच, अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब से गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मियों और उनके परिवारों को वापस बुलाने का आदेश दिया है। इसके पीछे हूती सहयोगियों की बढ़ती क्षेत्रीय शत्रुता को कारण बताया गया है।