ईरान का दावा: सेना ने 'दुश्मन' ताकतों को खदेड़ा, अमेरिका ने नकारा

वैश्विक पटल पर एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने दक्षिणी जलक्षेत्र से 'दुश्मन' ताकतों को सफलतापूर्वक खदेड़ दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने खुद यह घोषणा की है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि ये ताकतें जल्द ही अरब सागर से भी पूरी तरह बाहर कर दी जाएँगी, जिससे उनकी नौसेना की ताकत का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
यह महत्वपूर्ण घोषणा सोमवार, 28 सितंबर, 2026 को की गई थी। मोजतबा खामेनेई ने अपने टेलीग्राम चैनल के माध्यम से जारी एक बयान में बताया कि ईरानी सैन्य बलों ने दक्षिणी ईरान के पानी से दुश्मन ताकतों को खदेड़कर उन्हें अरब सागर में धकेल दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुश्मन ताकतें अब फारस की खाड़ी में प्रवेश करने से डरती हैं। उनका दावा है कि ईरानी बलों और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रक्षकों द्वारा दिए गए “दर्दनाक हमलों” ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है।
ईरान की सेना के चीफ ऑफ स्टाफ और उप-समन्वयक एडमिरल हबीबुल्लाह सय्यारी ने भी इन बातों का समर्थन किया है। उन्होंने पुष्टि की कि ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर 'पूर्ण नियंत्रण' है। सय्यारी ने यह भी घोषणा की कि दुश्मन को हरा दिया गया है और उसे इस क्षेत्र को अपमानित होकर छोड़ना पड़ेगा। हालांकि, इन ईरानी दावों का अमेरिकी सेंट्रल कमांड (U.S. Central Command) ने सीधे तौर पर खंडन किया है।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव और अमेरिकी प्रतिक्रिया
तेहरान के एक संघर्ष विराम प्रस्ताव को वाशिंगटन द्वारा हाल ही में खारिज किए जाने के बाद से क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि इस प्रस्ताव को ईरान द्वारा अपने अरबों डॉलर की जब्त संपत्तियों तक पहुंच की मांग के कारण अस्वीकार कर दिया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराया कि सैन्य कार्रवाई अभी भी एक विकल्प बनी हुई है और इस बात पर जोर दिया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाना चाहिए। यह बयान इस गंभीर स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
पेंटागन ने हाल ही में अपने सार्वजनिक हताहतों के आंकड़ों को अपडेट किया है। इसमें 37 घायल कर्मियों को जोड़ा गया है, जिससे संघर्ष शुरू होने के बाद से घायल अमेरिकी कर्मियों की कुल संख्या 861 हो गई है। इनमें आठ अमेरिकी मरीन भी शामिल हैं जो 14 सितंबर, 2026 को घायल हुए थे। उस दिन एक ईरानी जहाज-रोधी क्रूज मिसाइल (anti-ship cruise missile) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में उनके पोत पर हमला किया था। यह घटना क्षेत्र में सैन्य तनाव के प्रत्यक्ष प्रमाण के तौर पर देखी जा रही है।
कूटनीतिक प्रयास और अन्य घटनाक्रम
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान 'प्रलय के दिन के युद्ध' (doomsday war) के लिए तैयार होने के बावजूद कूटनीतिक रास्ते तलाश रहा है। यह कूटनीति जब्त संपत्तियों की रिहाई और तेल निर्यात फिर से शुरू करने की क्षमता पर निर्भर करती है। इस बीच, चल रहे समुद्री गतिरोध के बावजूद, कतरएनर्जी (QatarEnergy) से जुड़े एलएनजी जहाजों ने इस सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य से फिर से गुजरना शुरू कर दिया है। अगस्त में इन जहाजों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया था। यह गतिविधि कुछ हद तक सामान्य स्थिति की वापसी का संकेत देती है, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है।
अलग से, व्यापक संघर्ष के संबंध में, 27 सितंबर, 2026 को यूनाइटेड किंगडम में आरएएफ फेयरफोर्ड (RAF Fairford) के पास विस्फोटक और आतंकवाद से संबंधित अपराधों के संदेह में पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था। इस गिरफ्तारी से पता चलता है कि यह संघर्ष क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर भी फैल रहा है। इसके अतिरिक्त, ईरान ने अमेरिकी द्वारा लगाए गए विमानन प्रतिबंधों के संबंध में संयुक्त राष्ट्र में औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज की है। यह ईरान की अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी चिंताओं को उठाने की कोशिश को दर्शाता है। यह सारी घटनाएँ वैश्विक सुरक्षा और शांति के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।