Iran Kharg Island: ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप के पास जोरदार धमाके, अमेरिकी हमले का दावा.

शनिवार, 5 सितंबर 2026 को ईरान के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप के पास अचानक कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान का एक छोटा तेल टैंकर कथित तौर पर अमेरिकी मिसाइल हमले की चपेट में आ गया, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। फार्स न्यूज एजेंसी और स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क जैसे स्थानीय मीडिया संस्थानों ने इस घटना की जानकारी दी है। हालांकि ईरानी अधिकारियों की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही अमेरिका ने इस हमले की पुष्टि की है।
टैंकर को निशाना बनाने का दावा और हालात
ईरान के मीडिया आउटलेट्स के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 8:50 बजे स्थानीय समय पर घटी। अलजazeera की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस जहाज पर अमेरिका की तरफ से चार मिसाइलें दागी गईं। हमले के तुरंत बाद टैंकर पर सवार लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया, लेकिन गनीमत यह रही कि अभी तक किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फार्स न्यूज एजेंसी के संवाददाताओं ने गल्फ इलाके में धमाकों की आवाज तो सुनी, लेकिन वहां किसी भी तरह की आग या धुएं का गुबार नहीं देखा गया।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है तनाव
यह ताजा घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ हफ्तों से सीधे टकराव में थोड़ी शांति देखी जा रही थी। दोनों देशों के बीच तनाव उस समय से लगातार बना हुआ है जब इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में तेहरान की तरफ से भी लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे थे। इसके अलावा, एक दिन पहले यानी 4 सितंबर 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रूप ने ईरान के साथ युद्ध को अमेरिका के लिए एक साधारण मामला बताया था और पहले भी खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की धमकी दी थी।
मध्य पूर्व के इस इलाके में सैन्य गतिविधियां काफी तेज हो चुकी हैं। हाल ही में अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित एक द्वीप पर बने रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाकर हमले किए थे। इसके साथ ही ईरानी अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया था कि 2 सितंबर 2026 को हुए एक अमेरिकी हमले में कुहेस्ताक में एक शादी समारोह को निशाना बनाया गया था, जिसमें कई आम नागरिकों की मौत हो गई थी। इस पूरे घटनाक्रम से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां सफर करने वाले प्रवासियों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।