Iran War Crime: अमेरिका के तेल टैंकरों पर हमले को ईरान ने बताया युद्ध अपराध, बढ़ गया तनाव.

Aanya5 September 20263 min read40 viewsEnglish
Iran War Crime: अमेरिका के तेल टैंकरों पर हमले को ईरान ने बताया युद्ध अपराध, बढ़ गया तनाव.

शनिवार, 5 सितंबर 2026 को ईरान ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए इसे सीधे तौर पर एक बड़ा युद्ध अपराध करार दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी सेना ने उसके तीन कमर्शियल तेल टैंकरों को निशाना बनाया है जो पूरी तरह से गैर-कानूनी और आक्रामक कदम है। इस घटना के बाद से खाड़ी देशों और पूरी दुनिया में तनाव का माहौल काफी ज्यादा बढ़ गया है, जिससे आम लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों की चिंताएं भी काफी ज्यादा गहरी हो गई हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव

ईरान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय शांति और कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। ईरान का यह भी कहना है कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर के Article 2, Paragraph 4 का साफ उल्लंघन है। तेहरान ने इस पूरी कार्रवाई को स्टेट आतंकवाद और आर्थिक युद्ध का हिस्सा बताया है और कसम खाई है कि वह अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

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अमेरिकी सेना CENTCOM का बयान

दूसरी तरफ, अमेरिका के सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने अपने सैन्य अभियानों के दौरान तीन ईरानी तेल टैंकरों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। इन टैंकरों में क्रूड ऑयल ले जाने वाले जहाज M/T Downy (जो खार्ग द्वीप के पास था) और M/T Stark 1 (जो जास्क के पास था) शामिल हैं, जिन्हें पूरी तरह से बेकार कर दिया गया है। इसके अलावा ओमान की खाड़ी में एक तीसरे खाली टैंकर M/T Kylo (जिसे Noxen के नाम से भी जाना जाता है) को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया है।

अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह जवाबी कार्रवाई तब की गई जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी थीं। गनीमत यह रही कि अमेरिकी युद्धपोतों ने इन हमलों को नाकाम कर दिया और किसी भी नौसैनिक को चोट नहीं आई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख Admiral Brad Cooper ने चेतावनी दी है कि अमेरिका ईरान के तेल बेड़े को पूरी तरह से नष्ट करने से पीछे नहीं हटेगा, क्योंकि उनका आरोप है कि इन जहाजों के जरिए आईआरजीसी और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को फंडिंग मिलती है। अमेरिका ने इस हमले के वीडियो फुटेज भी जारी किए हैं और यह भी बताया है कि हमले से पहले जहाजों के क्रू मेंबर सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए थे।

छह महीने पुराना संघर्ष और मौजूदा हालात

यह पूरा विवाद पिछले छह महीनों से चल रहे संघर्ष का एक बड़ा हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियानों के साथ हुई थी। दोनों देशों के बीच बातचीत के रास्ते बंद होने के बाद हालात और ज्यादा खराब हो गए। हफ्ते की शुरुआत में दक्षिण ईरान पर अमेरिकी बमबारी में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें एक शादी समारोह पर हुआ हमला भी शामिल था। हैरानी की बात यह है कि इन टैंकर हमलों से सिर्फ एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस बढ़ते संघर्ष को मामूली बात बताया था, लेकिन अब इस सैन्य टकराव ने एक खतरनाक रूप ले लिया है जिसका असर पूरी दुनिया के व्यापार और सुरक्षा पर पड़ रहा है।

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