ईरान के सर्वोच्च नेता ने क्षेत्र में न युद्ध न शांति की स्थिति खत्म करने को कहा
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खमनेई ने क्षेत्र में 'न युद्ध न शांति' की स्थिति खत्म करने का आह्वान किया है।

तेहरान (ईरान): ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सय्यद मोजतबा खमनेई ने क्षेत्र में चल रही 'न युद्ध न शांति' की मौजूदा स्थिति को खत्म करने की मांग की है। उन्होंने इस दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया है, जिसे देश के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश माना जा रहा है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कैबिनेट बैठक में कहा कि सरकार सर्वोच्च नेता के इस आदेश को पूरी गंभीरता और अपनी पूरी क्षमता के साथ पूरा करेगी। बुधवार को हुई इस बैठक में देश की वर्तमान स्थितियों, राष्ट्रीय लचीलेपन को बढ़ावा देने और दुश्मन के खतरों से निपटने पर चर्चा की गई।
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने किसी भी उभरती स्थिति का सामना करने के लिए निरंतर तैयारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी मंत्रियों और कार्यकारी शाखाओं के प्रमुखों को निर्देश दिया कि वे अपनी क्षमताओं का उपयोग कर उत्पादकता बढ़ाएं और राष्ट्रीय शक्ति को मजबूत करें।
बाहरी दबावों और प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए पेज़ेशकियन ने कहा कि दुश्मनों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे ईरानी राष्ट्र के संकल्प को कमजोर कर सकते हैं या देश को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर सकते हैं।
बैठक के दौरान विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने राजनयिक घटनाक्रमों और क्षेत्रीय परामर्शों पर एक रिपोर्ट पेश की। इसमें विशेष रूप से कतरी प्रतिनिधिमंडल और पाकिस्तान के सेना प्रमुख की यात्राओं का विवरण शामिल था।
दूसरी तरफ, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शांति वार्ता को फिर से शुरू करने की कोशिश में ईरान के एक शक्तिशाली कट्टरपंथी नेता से सीधा संपर्क साधा है। वेंस ने सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव और आईआरजीसी के पूर्व कमांडर मोहसिन रज़ाई को एक पत्र भेजा है।
बताया गया है कि यह पत्र डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर भेजा गया है और राष्ट्रपति इस पहल से पूरी तरह अवगत हैं। इस कदम का मकसद यह देखना है कि क्या वाशिंगटन और तेहरान बातचीत के लिए कोई ढांचा तैयार कर सकते हैं।
वेस्ट एशिया में तनाव बना हुआ है, जबकि अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं और इजरायल में अगली सरकार को लेकर अनिश्चितता है।