लामर हमले पर ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर कानूनी कार्रवाई तेज की, ताबड़तोड़ गिराए कई जगह बम.

मिनाब (ईरान): ईरान ने 28 फरवरी 2026 को हुए हवाई हमलों के मामले में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। इन हमलों में लामर के एक स्टेडियम समेत कई जगहों को निशाना बनाया गया था, जिनमें लगभग दो दर्जन लोग हताहत हुए।
ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने 11 अक्टूबर को मिनाब के शजरेह तय्यबा स्कूल का दौरा किया। वहां उन्होंने कहा कि ईरान लामर स्टेडियम पर हमले के जिम्मेदार लोगों पर कानूनी मुकदमा चलाने को प्राथमिकता दे रहा है। यह स्कूल भी सैन्य कार्रवाई से प्रभावित हुआ था।
गरीबाबादी ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत संरक्षण प्राप्त है और इन पर हमले गंभीर उल्लंघन हैं। उनके अनुसार एक विशेष कानूनी दल ने विस्तृत दस्तावेज तैयार कर लिए हैं। दल ने जिम्मेदार पक्षों को सक्षम अधिकारियों के सामने लाने के लिए आरोपपत्र भी जारी किया है।
इससे पहले 18 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र की एक तथ्य-खोजी टीम ने कहा था कि ऐसे उचित आधार हैं, जिनसे माना जा सकता है कि इन हमलों के दौरान अमेरिका ने युद्ध अपराध किए।
भविष्य की स्थिति पर गरीबाबादी ने 11 अक्टूबर को चेतावनी दी कि दुश्मन की ओर से कोई भी नई सैन्य कार्रवाई होती है, तो उसका जवाब "पहले से बिल्कुल अलग" होगा।
13 अक्टूबर 2026 को उन्होंने कूटनीतिक स्थिति पर ताजा जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तेहरान न्यूयॉर्क में पेश किए गए एक प्रस्ताव पर अमेरिका की चिंताओं का जवाब तैयार कर रहा है। ईरान कूटनीति का स्वागत करता है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि आपसी अविश्वास अब भी बातचीत में बड़ी रुकावट बना हुआ है।