मीनाब में हमले की जगह जुटे छात्रों ने मारे गए सहपाठियों को दी श्रद्धांजलि
ईरान में 13 अबन के मौके पर मीनाब स्कूल हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। जनरल अली अब्दुल्लाही ने दुश्मनों को कड़ी चेतावनी दी है।

तेहरान: ईरान में 4 नवंबर, 2026 को '13 अबन' के मौके पर देशभर में 'वैश्विक अहंकार के खिलाफ लड़ाई के राष्ट्रीय दिवस' के तौर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस साल इन समारोहों में मीनाब के शजारेह तायबेह एलीमेंट्री स्कूल पर हुए हमले के पीड़ितों को याद किया गया, जिससे माहौल काफी भावुक रहा।
होरमोज़गान प्रांत के मीनाब में छात्र उस जगह इकट्ठा हुए जहां यह त्रासदी हुई थी। वहां उन्होंने अपने उन सहपाठियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इस हमले में अपनी जान गंवाई थी।
बता दें कि 28 फरवरी, 2026 को स्कूल पर अमेरिकी टोमाहॉक मिसाइल से हमला हुआ था। इस हमले में 120 स्कूली बच्चों समेत कुल 156 नागरिकों की मौत हो गई थी।
राजधानी तेहरान में भी एक बड़ा जमावड़ा हुआ, जिसमें मीनाब हमले के पीड़ितों के शोक संतप्त परिवार शामिल हुए। इस दौरान 'शहीद हुए छात्र कभी अनुपस्थित नहीं होते' शीर्षक से एक नाटक का मंचन किया गया।
तेहरान के इस समारोह में इस्लामिक क्रांति के नेता अनुपस्थित थे, जो मौजूदा संघर्ष के दौरान शहीद हो चुके हैं। कार्यक्रम में ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ और खतम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के कमांडर जनरल अली अब्दुल्लाही भी मौजूद रहे।
जनरल अली अब्दुल्लाही ने इस अवसर पर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि दुश्मन की संपत्तियां अब भी ईरानी सेना की पहुंच के भीतर हैं।
देशभर में रैलियों में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लोरेस्तान यूनिवर्सिटी जैसे संगठनों ने समन्वय किया। इन कार्यक्रमों के जरिए हालिया त्रासदी को वैश्विक शक्तियों के खिलाफ ईरान के प्रतिरोध के ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़ा गया।
ऐतिहासिक रूप से 13 अबन की तारीख 1964 में इमाम खुमैनी के निर्वासन, 1978 में अमेरिकी समर्थित पहलवी शासन द्वारा छात्रों के नरसंहार और 1979 में अमेरिकी दूतावास पर कब्जे की याद दिलाती है।