ईरान सैन्य प्रमुख का दावा: 7 अक्टूबर के हमले ने तेज किया इजरायल का पतन

7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमला की तीसरी बरसी पर ईरान के सैन्य प्रमुख मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस हमले ने "जियोनिस्ट शासन" के पतन की रफ्तार को काफी बढ़ा दिया है। अब्दुल्लाही, जिन्हें अगस्त 2026 में सुप्रीम लीडर द्वारा नियुक्त किया गया था, का मानना है कि "प्रतिरोध मोर्चे" (Resistance Front) ने अब अपनी रणनीति बदल ली है और वे रक्षात्मक स्थिति से निकलकर आक्रामक रुख अपना चुके हैं, जिससे उनके विरोधियों के समीकरण पूरी तरह गड़बड़ा गए हैं।
इसी बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी एक बयान जारी किया है। IRGC का कहना है कि 2023 के उस हमले ने इजरायली सेना की उस छवि को चकनाचूर कर दिया है जिसमें उन्हें 'अजेय' माना जाता था। ईरान ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह "प्रतिरोध के रास्ते" पर तब तक बना रहेगा जब तक कि अल-कुद्स की मुक्ति और इजरायली राज्य का अंत नहीं हो जाता।
क्षेत्रीय तनाव और सैन्य कार्रवाई का विवरण
तनाव केवल बयानों तक सीमित नहीं है। मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के खिलाफ कोई भी नई आक्रामकता हुई, तो अमेरिका के हितों को निशाना बनाया जाएगा और यह संघर्ष सबको अपनी चपेट में ले लेगा। दूसरी ओर, इजरायल रक्षा बलों (IDF) ने पिछले तीन वर्षों की अपनी सैन्य गतिविधियों की एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, IDF ने लगभग 1,00,000 लक्ष्यों को निशाना बनाया है, जिनमें से 65,000 गाजा में, 28,000 लेबनान और सीरिया में, 4,500 ईरान के भीतर और 80 यमन में थे।
इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामर बेन-गवीर ने वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी प्राधिकरण को पूरी तरह खत्म करने और अधिकारियों की गिरफ्तारी की वकालत की है। साथ ही, IDF ने वेस्ट बैंक में उन लोगों के खिलाफ अभियान चलाने की घोषणा की है जो 7 अक्टूबर के नरसंहार से जुड़े हैं।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति और गंभीर होती जा रही है। IRGC कमांडर के सलाहकार मोहम्मदरेजा नघदी ने संकेत दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में "अवैध रास्तों" को जल्द ही बंद किया जा सकता है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, यमन में ईरान समर्थित हूती बलों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई के कारण सितंबर से अब तक 2,00,000 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।
इजरायली खुफिया रिपोर्टों का कहना है कि ईरान अब अपने "प्रतिरोध के अक्ष" (Axis of Resistance) के कमांड स्ट्रक्चर को केंद्रीकृत करने की कोशिश कर रहा है। इसमें हमास, हिजबुल्लाह, हूती और इराक व सीरिया के विभिन्न मिलिशिया शामिल हैं, ताकि भविष्य में एक साथ कई मोर्चों पर युद्ध लड़ा जा सके।