Iran News: ईरान के सैन्य कमांडरों की कड़ी चेतावनी, अमेरिका और इसराइल को लेकर कही बड़ी बात.

Sushma Kumari22 September 20262 min read58 viewsWorld
Iran News: ईरान के सैन्य कमांडरों की कड़ी चेतावनी, अमेरिका और इसराइल को लेकर कही बड़ी बात.

ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने संभावित सैन्य आक्रामकता को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है और दुनिया को साफ संदेश दिया है। 21 और 22 सितंबर 2026 को ईरान के सशस्त्र बलों और خاتم الانبیاء (Khatam al-Anbya) सेंट्रल हेडक्वार्टर के शीर्ष कमांडरों ने एक के बाद एक कई कड़े बयान जारी किए। इन बयानों में सीधे तौर पर अमेरिका और इसराइल को निशाना बनाया गया और चेतावनी दी गई कि यदि किसी भी तरह का हमला हुआ तो उसका बहुत कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी साफ कर दिया कि जो पड़ोसी देश ईरान के खिलाफ रची जाने वाली किसी भी साजिश में साथ देंगे, उन्हें भी इस संघर्ष में सीधा पक्षकार माना जाएगा।

मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी का बयान

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के कमांडर मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी ने यह स्पष्ट किया कि ईरान की तरफ से कभी भी पहले युद्ध शुरू करने की कोई रणनीतिक मंशा नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की सेनाएं छोटे से छोटे आक्रामक कदम का भी बहुत तेजी से और कड़ाई से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसी बात को आगे बढ़ाते हुए सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अब्दोलरहीम मौसावी ने बताया कि ईरान युद्ध की शुरुआत नहीं करेगा, लेकिन देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, महत्वपूर्ण हितों और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी ताकत से कदम उठाएगा।

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नौसेना और आईआरजीसी की कड़ी चेतावनी

22 सितंबर 2026 को डिफेंस वीक के दौरान आर्मी नेवी के कमांडर रियर एडमिरल शहरम ईरानी ने फिर दोहराया कि देश के हितों को खतरे में डालने पर कड़ा सैन्य जवाब दिया जाएगा और नौसेना किसी भी युद्ध के मैदान में उतरने के लिए तैयार है। वहीं दूसरी तरफ, IRGC के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका की तरफ से नया हमला किया जाता है तो ईरान अपने सैन्य जवाब के तौर-तरीकों को पूरी तरह बदल देगा। इसमें युद्ध का भूगोल बदलने और अलग-अलग हथियारों का इस्तेमाल करने जैसी बातें शामिल हैं।

सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का आकलन

सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रजाई ने जानकारी दी कि खुफिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि अमेरिका की तरफ से आक्रामकता की संभावना काफी ज्यादा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए तेहरान ने एक निर्णायक युद्ध के लिए अपनी पूरी तैयारी कर ली है। ईरानी अधिकारियों का यह भी कहना है कि पिछले लंबे समय से लगे प्रतिबंधों की वजह से देश के भीतर प्रतिरोध की भावना और मजबूत हुई है। इन हालात के कारण देश ने अपनी घरेलू क्षमताओं पर भरोसा बढ़ाना शुरू किया है, जिससे उनकी सैन्य ताकत और निवारक रणनीति को और अधिक मजबूती मिली है।

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