ईरान ने सेना में पाई पूरी आत्मनिर्भरता, विदेशी सलाहकारों की जरूरत खत्म
IRGC प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने घोषणा की है कि ईरान अब विदेशी सलाहकारों पर निर्भर नहीं है और उसने पूरी सैन्य रक्षा स्वतंत्रता हासिल कर ली है।

तेहरान: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि देश की सेना अब पूरी तरह से रक्षा स्वतंत्रता हासिल कर चुकी है। IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने 7 नवंबर, 2026 को यह घोषणा की।
तस्नीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, मोहेब्बी ने बताया कि यह उपलब्धि विदेशी सलाहकारों पर निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने और केवल घरेलू व स्थानीय विशेषज्ञता पर भरोसा करने से मिली है। उन्होंने साफ किया कि ईरान के उन्नत एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म विदेशी खरीद या रिवर्स इंजीनियरिंग का नतीजा नहीं, बल्कि पूरी तरह से स्वदेशी शोध का परिणाम हैं।
प्रवक्ता ने दावा किया कि ईरानी सैन्य इकाइयां अब हल्के और भारी हथियारों के सिस्टम पर पूर्ण फील्ड प्रबंधन और परिचालन नियंत्रण रखती हैं। यह नियंत्रण भीषण बमबारी जैसी कठिन परिस्थितियों में भी बरकरार रहता है।
मोहेब्बी ने इन तकनीकी प्रगतियों को 'सक्रिय निवारण' (active deterrence) का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि दुश्मन के बुनियादी ढांचे और ठिकानों पर निर्धारित सटीक हमलों के जरिए इस स्थिति को और मजबूत किया गया है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। इसी बीच खबरें हैं कि IRGC बलों ने दुश्मन के ड्रोनों का सामना किया है और केशम द्वीप के पास मिसाइल ऑपरेशन चलाए हैं, जबकि देश अंतरराष्ट्रीय दबावों से निपटने के लिए राजनयिक प्रयास जारी रखे हुए है।