ईरान के राष्ट्रपति, संसद अध्यक्ष और विदेश मंत्री ने सेना से कहा: कतर का प्रस्ताव मानने पर सोचें

अमेरिका के साथ संभावित युद्ध के बीच ईरान के शीर्ष नेता कतरी समझौते पर विचार करने के लिए सैन्य नेतृत्व पर दबाव बना रहे हैं।

Gautam Sahu3 November 20262 min read0 viewsWorld
ईरान के राष्ट्रपति, संसद अध्यक्ष और विदेश मंत्री ने सेना से कहा: कतर का प्रस्ताव मानने पर सोचें

तेहरान (ईरान): अमेरिका के साथ संभावित सैन्य टकराव की आहट के बीच ईरान के शीर्ष राजनीतिक अधिकारी देश के सैन्य नेतृत्व पर दबाव बना रहे हैं कि वे कतर द्वारा प्रस्तावित समझौते पर विचार करें। अल अरबिया की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के आंतरिक आकलन यह संकेत दे रहे हैं कि अमेरिका के साथ सीधे युद्ध की वापसी अब सबसे संभावित स्थिति बन गई है।

सैन्य अनुमानों के डराने वाले होने के बावजूद, ईरान की राजनीति के बड़े चेहरे राजनयिक समाधान की वकालत कर रहे हैं। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सैन्य नेतृत्व को सलाह दी है कि वे संघर्ष रोकने के लिए कतरी मध्यस्थों द्वारा पेश प्रस्ताव के साथ रचनात्मक तरीके से जुड़ें।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कतरी दूत हाल ही में एक सीमित और सख्त जनादेश के साथ तेहरान पहुंचे थे। इन मध्यस्थों का मकसद लंबी बातचीत करना नहीं, बल्कि प्रस्तावित ढांचे पर ईरान की आधिकारिक और अंतिम प्रतिक्रिया प्राप्त करना था। हालांकि, ईरान के सैन्य रणनीतिकार शांति बनाए रखने को लेकर गहरे संदेह में हैं और अमेरिकी बलों के साथ सक्रिय टकराव को ही आगे का रास्ता मान रहे हैं।

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राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने तेहरान में क्षेत्रीय गवर्नरों और मेयरों की एक बैठक में कहा कि उनकी सरकार बाहरी तत्वों द्वारा पैदा की गई समस्याओं को बातचीत के जरिए सुलझाने का काम करेगी। उन्होंने बताया कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई ने सरकार को राजनयिक समाधान निकालने के लिए कुछ अधिकार दिए हैं। पेज़ेशकियन ने जोर देकर कहा कि युद्ध से किसी को फायदा नहीं होता और दुश्मन ईरान को आत्मसमर्पण कराने में सक्षम नहीं होंगे।

राष्ट्रपति ने वाशिंगटन पर सीमा पार व्यापार को बाधित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि लोगों के सहयोग से दुश्मनों की साजिश को नाकाम किया जाएगा।

वहीं, विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने सोमवार को बताया कि क्षेत्रीय शत्रुता को समाप्त करने के लिए कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता वाली बातचीत अब बेहद गहन हो गई है। तुर्कमेनिस्तान की यात्रा के बाद आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडलों के दौरों और दर्जनों फोन कॉल्स के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है।

अरागची ने diplomacy और रक्षा दोनों के लिए तेहरान की तैयारी दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि ईरान की शर्तें स्वीकार कर ली जाती हैं, तो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोल दिया जाएगा। इससे पहले 22 सितंबर को ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को शत्रुता खत्म करने और जलमार्ग खोलने का सात दिन का प्रस्ताव भेजा था।

विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि वाशिंगटन द्वारा किसी भी सैन्य वृद्धि का जवाब बहुत अधिक कड़वा और गंभीर होगा। गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान और अन्य शहरी केंद्रों को निशाना बनाकर संयुक्त हमले किए थे, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया था।

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