विदेशी हमले को कुचलने के लिए ईरान की सेना पूरी तरह तैयार है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कायम है

तेहरान: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ किया है कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं देश के खिलाफ किसी भी तरह के विदेशी आक्रमण को पूरी तरह कुचलने के लिए तैयार हैं। IRGC के डिप्टी कमांडर मेजर जनरल मोस्तफा इज़ादी ने कहा कि सेना का होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा ऑपरेशनल कंट्रोल है।
जनरल इज़ादी के मुताबिक, इस क्षेत्र में IRGC की नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स की खुफिया और ऑपरेशनल क्षमताएं काफी मजबूत हैं। उन्होंने बताया कि जमीन, समुद्र और हवा समेत सभी मोर्चों पर तैयारी बढ़ा दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि दुश्मनों की कोई भी सैन्य गतिविधि विफलता पर खत्म होगी।
इसी बीच ईरान के रक्षा मंत्री महरदाद अखलाघी ने नई तकनीकों के जरिए रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने का वादा किया है। उनकी प्राथमिकता IRGC एयरोस्पेस फोर्स और आर्मी एयर डिफेंस यूनिट्स की जरूरतों को पूरा करना है। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने यह भी कहा कि तेहरान किसी भी हमले या हत्या जैसी घटनाओं का जवाब बिना किसी सीमा या पाबंदी के देगा और वह व्यापक युद्ध के लिए तैयार है।
IRGC के राजनीतिक डिप्टी ब्रिगेडियर जनरल यादल्लाह जवानी ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, तो होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूद महत्वपूर्ण इंटरनेट केबलों को निशाना बनाया जा सकता है। वहीं संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि किसी भी ऑपरेशनल गलती के बाद ईरान अपने दुश्मन को मिटाने के लिए तैयार है।
राजनीतिक मोर्चे पर राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह एक तरफ बातचीत की बात करता है और दूसरी तरफ धमकियां देता है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन अपने पुराने वादों से पीछे हट रहा है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि पाकिस्तान और कतर के जरिए अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका को एक नए संघर्ष में धकेलने की कोशिश कर रहे हैं।
तनाव के बीच दक्षिणी होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर समुद्री माइन से टकराकर फट गया है। IRGC ने चेतावनी दी है कि फारस की खाड़ी में जो भी जहाज अपनी पहचान प्रणाली (identification systems) बंद करेगा, उसे गंभीर परिणामों का सामना करना होगा।
दूसरी ओर अमेरिका इस क्षेत्र में USS थियोडोर रूजवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और 13वें मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट को तैनात कर रहा है, जिनके नवंबर के अंत तक पहुंचने की उम्मीद है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों की संभावना पर विचार कर रहे हैं।