ईरान की IRGC ने जमीन समुद्र और हवा से हमलों का सामना करने की तैयारी जताई और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा

Gautam Sahu15 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान की IRGC ने जमीन समुद्र और हवा से हमलों का सामना करने की तैयारी जताई और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा

तेहरान: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऐलान किया है कि उसकी सेना जमीन, समुद्र और हवा तीनों मोर्चों पर किसी भी खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। IRGC के डिप्टी कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल मोस्तफा इज़ादी ने 15 अक्टूबर 2026 को कहा कि दुश्मन की स्थिति कमजोर है। उन्होंने दावा किया कि विदेशी विरोधी अपनी घरेलू समस्याओं को छिपाने के लिए नई कहानियां गढ़ते हैं और इसके सबूत के तौर पर अमेरिका की इराक और अफगानिस्तान से वापसी का जिक्र किया।

क्षेत्र में तनाव के बीच ईरानी सेना के प्रमुख अमीर हातमी ने भी 15 अक्टूबर को घोषणा की कि जब तक ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान नहीं होता, तब तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा। इस जलमार्ग में हाल ही में कई घटनाएं हुई हैं। 14 अक्टूबर को IRGC ने दावा किया कि एक कंटेनर जहाज बिना अनुमति के रास्ता अपनाने के कारण समुद्री माइन से टकराकर डूब गया। वहीं ब्रिटेन के मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने पुष्टि की कि इसी इलाके में एक कंटेनर जहाज किसी अज्ञात मिसाइल या प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया है।

सिंगापुर ने भी जानकारी दी है कि 13 और 14 अक्टूबर को उसके झंडे वाले दो कंटेनर जहाजों को नुकसान पहुंचा है। आंतरिक सुरक्षा की बात करें तो 14 अक्टूबर को सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में एक पुलिस अधिकारी और महिला बसीज कमांडर मारे गए। तस्नीम समाचार एजेंसी ने इसके लिए अमेरिका और इजरायल से जुड़े उग्रवादियों को जिम्मेदार ठहराया है।

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दूसरी तरफ हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं। रियाद एयरपोर्ट पर हुए एक मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा घायल हुए। हूतियों ने धहरान में सऊदी अरामको के मुख्यालय को भी निशाना बनाया है।

ईरान के भीतर इस स्थिति पर राजनीतिक मतभेद दिख रहे हैं। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ ने अमेरिका द्वारा किए गए वादों को तोड़ने पर कार्रवाई की मांग की है और सैन्य ताकत के साथ कूटनीति अपनाने की वकालत की है। इसके उलट पूर्व मेयर घोलमहुसैन करबास्ची ने सैन्य स्थिति की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान अमेरिका को घुटनों पर नहीं ला सकता और उसे बातचीत का रास्ता चुनना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और 28 अन्य देशों ने 14 अक्टूबर को एक साझा बयान जारी कर ईरान पर साइबर हमलों और घातक साजिशों जैसे हाइब्रिड गतिविधियों का आरोप लगाया है। ब्रिटेन ने विशेष रूप से RAF फेयरफोर्ड के खिलाफ एक आतंकी साजिश में IRGC की भूमिका बताई है। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए उर्वरक ले जाने की योजना विफल होती है, तो खाद्य असुरक्षा का खतरा बढ़ सकता है।

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