अमेरिका और इजरायल की हमले की धमकी के बीच ईरान ने अपनी सैन्य तैयारी तेज की और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी

तेहरान: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सय्यद मुजतबा होसेइनी खामेनेई ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबफ के साथ बैठक की। इस मुलाकात में अमेरिका और इजरायल द्वारा संभावित सैन्य हमलों से जुड़ी स्थितियों की समीक्षा की गई।
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में राष्ट्रीय रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया। खामेनेई ने बाहरी खतरों को रोकने के लिए सामाजिक एकजुटता और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने में संसद की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
यह उच्च स्तरीय बैठक ऐसे समय में हुई है जब खबरें आ रही हैं कि अमेरिका और इजरायल 3 नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनावों के बाद तीन दिनों के सैन्य हमले की योजना बना रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सचिव अन्ना केली ने पुष्टि की है कि इन चुनावों से पहले कोई हमला नहीं होगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावित लक्ष्यों में ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे, परमाणु प्रतिष्ठान और मिसाइल व ड्रोन शस्त्रागार शामिल हो सकते हैं। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में ईरान पर परमाणु हथियार बनाने का आरोप लगाया और सुरक्षा एजेंसियों को ईरानी शासन को गिराने के प्रयासों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
इन धमकियों के जवाब में ईरानी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी नए हमले का सामना अधिक गंभीर, बहुस्तरीय और अपरंपरागत सैन्य अभियान से किया जाएगा। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता हुसैन मोहेबी ने दावा किया कि अमेरिका फिलहाल संघर्ष शुरू करने की स्थिति में नहीं है और क्षेत्र में कई अमेरिकी ठिकाने निष्क्रिय हैं।
22 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों से पता चलता है कि पिछले हमलों के बावजूद ईरान के घरेलू मिसाइल और ड्रोन निर्माण केंद्र चालू हैं। देश के पास बैलिस्टिक और एंटी-शिप हथियारों का बड़ा स्टॉक मौजूद है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वह पूरी तरह से रक्षा के लिए तैयार है।
इस बीच, कतर और पाकिस्तान जैसे अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ संसद अध्यक्ष गालिबफ और अमेरिकी अधिकारियों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहे हैं। यह तनाव फरवरी 2026 से चल रहे संघर्षों और उनके पिता की मृत्यु के बाद मुजतबा खामेनेई के उत्तराधिकार के बाद पैदा हुई जटिल स्थितियों का हिस्सा है।